बीजेपी ने बनाई दूरी, पर चंदन मित्रा बयान पर कायम

  • 25 जुलाई 2013
नरेन्द्र मोदी

अपने बयान पर विवाद के बावजूद बीजेपी सांसद चंदन मित्रा इस बात पर क़ायम है कि जाने माने अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन से भारत रत्न वापस ले लिया जाना चाहिए.

दरअसल कुछ दिन पहले अमर्त्य सेन ने गुजरात के विकास पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उनकी नजर में राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के काबिल नहीं हैं.

इसके बाद चंदन मित्रा ने उनके खिलाफ ट्विटर पर मोर्चा खोल दिया. बुधवार को एक टीवी कार्यक्रम में उन्होंने यहां तक कह दिया कि अमर्त्य सेन से भारत रत्न वापस ले लिया जाना चाहिए.

बीबीसी से बातचीत में राज्यसभा सांसद चंदन मित्रा ने कहा है कि अमर्त्य सेन का भाजपा से विरोध है और उनके बयान के बाद उनसे भारत रत्न वापस ले लेना चाहिए.

जवाब में अमर्त्य सेन ने कहा है कि अगर अटल बिहारी वाजपेयी कह दें तो वो भारत रत्न वापस करने के लिए तैयार हैं.

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चंदन मित्रा ने अमर्त्य सेन के बारे में कहा है, “मैं तो मानता हूँ कि उनसे भारत रत्न ले लेना चाहिए.”

उन्होंने कहा कि अमर्त्य सेन को अपनी गरिमा के अंदर रहना चाहिए.

चन्दन मित्रा ने कहा, “बात नरेन्द्र मोदी की नहीं है. मैं समझता हूँ कि वो अगर राहुल गाँधी के बारे में भी बोलते तो मेरा मत यही होता.”

उन्होंने कहा कि, “हम किसी के बोलने की आजादी तो छीन नहीं रहे हैं. मैं सिर्फ यह कह रहा हूँ कि नहीं बोलना चाहिए. बस. यह वो समझ ले कि इसका अर्थ क्या होता है.”

उन्होंने आरोप लगाया कि अमर्त्य सेन का खासतौर से भाजपा से विरोध है और अब वो कांग्रेस के समर्थन में आ गए हैं.

हालांकि भाजपा ने खुद को चंदन मित्रा के बयान से अलग कर लिया है.

'अगर वाजपेयी कहें तो..'

Image caption अमर्त्य सेन ने कहा है कि यदि अटल बिहारी वाजपेयी कहें तो वह भारत रत्न वापस कर देंगे.

भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने ही अमर्त्य सेन को भारत रत्न दिया था.

अमर्त्य सेन को 1998 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जिसके बाद 1999 में भारत सरकार ने उन्हें भारत रत्न पुरस्कार देने की घोषणा की.

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सेन ने कहा कि वह चंदन मित्र के बयान से काफी आहत हैं.

उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा है कि उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत रत्न दिया था और “अगर अटल बिहारी वाजपेयी कहें तो मैं भारत रत्न लौटाने के लिए तैयार हूँ.”

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इस बीच केन्द्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने अमर्त्य सेन का बचाव करते हुए कहा कि “उन्हें जो सही लगता है, उन्होंने वही कहा है.”

उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणी करना बिल्कुल गलत है कि उन्हें दिया गया भारत रत्न वापस ले लेना चाहिए.

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