कॉलेज में स्लीवलेस ड्रेस पहनने पर विवाद

आईएमएस इंदौर
Image caption इंदौर के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ ने लड़कियों के स्लीवलेस टॉप पहनने पर पाबंदी लगा दी है

'लड़कियां स्लीवलेस टॉप नहीं पहन सकतीं. कॉलेज में लड़कों के रंग-बिरंगे ग्राफ़िटी वाली यानी चुटीली बातें लिखी टी-शर्ट पहनने पर पाबंदी होनी चाहिए.'

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक कॉलेज के प्रशासन ने ये आदेश जारी करके विवाद खड़ा कर दिया है.

इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ ने ये आदेश जारी किया.

इंस्टीट्यूट का कहना है कि इसमें कुछ गलत नहीं है. ऐसा कॉलेज में अनुशासन बनाए रखने के लिए किया गया है.

इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ के निदेशक पी एन मिश्रा ने बीबीसी से कहा, "आदेश सिर्फ़ लड़कियों के लिए ही नहीं है. कई दफ़ा लड़के जो टी-शर्ट पहनकर आते हैं उन पर गंदी-गंदी बातें लिखी होती हैं. जिससे माहौल बिगड़ता है."

निबंध

गुरुवार को कॉलेज में जो छात्र-छात्रा आदेश के मुताबिक कपड़े पहनकर नहीं आए थे उनसे एक निबंध भी लिखवाया गया. कॉलेज के निदेशक पी एन मिश्रा का कहना है कि ये निबंध ‘कार्य संस्कृति और वेशभूषा’ के बारे में था.

इस बारे में देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार आर डी मूसलगांवकर का कहना है कि उन्होंने आदेश पढ़ा नहीं है लेकिन पूरे मामले की जानकारी कुलपति को दे दी गई है और कुलपति को अगर ग़लत लगेगा तो वह आदेश रद्द कर देंगे.

कॉलेज के कुछ छात्र-छात्रा इस आदेश से ख़ुश नहीं हैं लेकिन फ़िलहाल कोई भी खुलकर इसका विरोध करने को तैयार नहीं दिख रहा है.

साथ ही इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ की एक छात्रा अंशिता कौशल का कहना था, "इस तरह के कपड़े पहनकर आना ठीक नहीं है क्योंकि इससे ध्यान भटकता है."

राज्य महिला आयोग की सदस्य उपमा राय ने बीबीसी से कहा कि इस पूरे मामले में उन्होंने इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर से बात की है, डायरेक्टर अपने आदेश में संशोधन को भी तैयार हैं. जल्दी ही इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर को राज्य महिला आयोग नोटिस भेजेगा.

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