उमा भारती से लाइव बातचीत

मुख्य बिंदु

  • राम मंदिर आंदोलन के अग्रदूतों में से एक रहीं उमा भारती भारतीय जनता पार्टी और हिंदुत्व का चेहरा मानी जाती रही हैं. विवादों ने भी उनका साथ कभी नहीं छोड़ा है.
  • वे बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके बाद भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी रहीं. वो शुरू से ही एक अच्छी वक्ता रही हैं और संघ परिवार में उनकी इस काबिलियत को खूब तराशा गया.
  • भारतीय जनता पार्टी की प्रमुख प्रचारकों में से एक रहीं उमा भारती अपने उग्र भाषणों के जरिए बार-बार पार्टी के लिए अनेक लोगों के वोट को खींचने का काम करती रहीं.
  • साल 2003 के चुनावों में भारी जीत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी की ओर से उमा भारती मध्य-प्रदेश की मुख्यमंत्री बनाई गईं.
  • साल 2004 में बीजेपी की एक बैठक के दौरान उन्होंने आडवाणी के भाषण के बीच में उन्हें टोका था और फिर नाराज़ होकर बैठक से वॉकआउट किया था. इसके बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया.
  • बाद में शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री बनाए जाने का विरोध करने पर उन्हें पार्टी छोड़नी पड़ी. उन्होंने भारतीय जनशक्ति पार्टी के नाम से अपना दल बनाया, पर खास कामयाबी नहीं मिली.
  • सात जून 2011 को उनकी बीजेपी में वापसी हुई और उन्हें उत्तर प्रदेश में 2012 के विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी में नई जान फूंकने की जिम्मेदारी दी गई पर उन्हें खास सफलता नहीं मिली.
  • हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों पर तो उमा भारती का स्टैंड मालूम ही है लेकिन वे खुदरा व्यापार में 100 फीसदी विदेशी पूँजी निवेश के खिलाफ हैं.

लाइव टेक्स्ट

अतिम अपडेट 29 जुलाई 2013 पर

इस लाइव कवरेज के अपडेट इस समय सक्रिय नहीं हैं.