तेलंगाना मुद्दे पर संसद में हंगामा

Image caption आज से संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है

तेलंगाना और बोडोलैंड मुद्दे पर हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई है.

राज्य सभा में सदन की कार्रवाही शुरू होते ही तेलुगु देशम के सदस्यों ने हंगामा किया. वे आंध्र प्रदेश को बांटे जाने का विरोध कर रहे थे.

सभापति डॉ. हामिद अंसारी ने उन्हें शांत करने की कोशिश की लेकिन वो नहीं माने. आखिरकार उन्होंने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करने की घोषणा की.

लोक सभा में सबसे पहले नए चुनकर आए सदस्यों को शपथ दिलाई गई और फिर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के नए सदस्यों का परिचय सदन से कराया.

प्रश्नकाल शुरू होते ही कुछ सदस्यों ने बोडोलैंड के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए.

लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने उनसे अपनी सीट पर बैठ जाने का अनुरोध किया लेकिन वे नहीं माने. अध्यक्ष ने आख़िरकार सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी.

मॉनसून सत्र

सोमवार से शुरू संसद के मॉनसून सत्र में सरकार ने 40 विधेयकों को चर्चा और पास कराने के लिए सूची बद्ध किया है.

30 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में खाद्य सुरक्षा विधेयक सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है.

आज से संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है जिसमें सरकार ने 40 विधेयकों को चर्चा और पास कराने के लिए सूची बद्ध किया है. हालांकि ये सत्र सिर्फ 12 दिन का होगा. जो विधेयक सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है, वो बेशक खाद्य सुरक्षा से जुड़ा है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद सत्र के दौरान विपक्षी पार्टियों का सहयोग मांगा है.

संसद के मॉनसून सत्र में खाद्य सुरक्षा बिल के अलावा जिन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है उनमें भूमि अधिग्रहण बिल, बीमा और पेंशन विधेयक, कंपनी संबंधी विधेयक, प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक और सेबी नियमों में बदलाव से जुड़े विधेयक शामिल हैं.

संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ का कहना है – खाद्य सुरक्षा बिल पर सभी पार्टियों में सर्वसम्मति है, सपा को छोड़कर कोई भी बड़ी पार्टी यह नहीं कह रही है कि वो इसका विरोध करेंगी. सभी पार्टी चाहती है कि विधेयक लाने से पहले इस पर चर्चा की जाये, और जो सुधार वे चाहती हैं वे भी इसमें शामिल किये जायें.

हम अहम मुद्दों को उठाएंगे. खाद्य सुरक्षा बिल और भूमि अधिग्रहण बिल, ये सब हमारे एजेंडे में शामिल हैं.

कमलनाथ के अनुसार सरकार को सभी पार्टियों की तरफ से आश्वासन मिला है कि सत्र को सुगमता से चलने दिया जाएगा. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह खाद्य सुरक्षा समेत सभी अहम विधेयकों पर विपक्ष से सहयोग की अपील कर चुके हैं.

उन्होंने विपक्ष की तरफ से उठाए गए सभी मुद्दों पर चर्चा का आश्वासन दिया है और उम्मीद जताई है कि 30 अगस्त तक चलने वाला सत्र रचनात्मक होगा.

बीजेपी का विरोध

मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तरफ से सहयोग का वादा तो किया है लेकिन ये संकेत भी दिए हैं कि वो बीमा और पेंशन के क्षेत्र को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए और अधिक खोले जाने का विरोध करेगी.

भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद कहते हैं- उत्तराखंड की त्रासदी, देश की आर्थिक व्यवस्था़, (रुपया डालर के मुकाबले गिर रहा है), सीबीआई और आईबी के बीच गतिरोध, चीन का भारत के ऊपर आक्रामक दृष्टिकोण, हम इन सभी पर चर्चा करने के पक्ष में हैं. संसद का ये सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब तेलंगाना के मुद्दे पर राजनीति गर्म है तो दूसरी तरफ डीएमके, तृणमूल कांग्रेस और जेडीयू जैसे पार्टियां विधायिका के कामकाज में न्यायापालिका के हस्तक्षेप का मुद्दा उठा रहे हैं.

इस सत्र में जजों की नियुक्ति की नई कसौटियों की मांग करने वाले राष्ट्रीय न्यायिक आयोग विधेयक को भी पेश किया जा सकता है.

सरकार पहले ही सत्र के दौरान उत्तराखंड की बाढ़ से पैदा त्रासदी पर चर्चा के लिए सहमत हो गई है.

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