विपक्ष ने सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल

भारत प्रशासित कश्मीर में पाकिस्तानी सेना की कथित गोलीबारी में पांच जवानों के मारे जाने के मुद्दे पर आज संसद में जमकर हंगामा हुआ और विपक्ष ने सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए.

समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान 1971 का बंटवारा भुला नहीं पा रहा है और उसका बदला भारत से लेना चाहता है.

मुलायम ने आज़ लोकसभा में शून्यकाल के दौरान भारत प्रशासित कश्मीर में पाकिस्तानी सेना की कथित गोलीबारी में पांच भारतीय जवानों की मौत का मामला उठाते हुए कहा, “भारत को पाकिस्तान और चीन से गंभीर ख़तरा है. चीन धोखेबाज़ है और उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है. चीन ने हिन्दी चीनी भाई-भाई के नाम पर पंडित नेहरू को धोखा दिया और वो एक बार फिर भारत पर हमले की तैयारी कर रहा है. सरकार को सावधान रहने की ज़रूरत है."

उन्होंने कहा, "चीन ने हिमाचल से लेकर अरुणाचल तक का नक्शा तैयार कर रखा है जिसमें उत्तराखंड भी शामिल है. वो बार-बार हमारी सीमा में घुसकर हमारी तैयारियों का जायजा ले रहा है."

विचलित

Image caption मुलायम ने कहा कि चीन और पाकिस्तान में साठगांठ हो सकती है

भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि ये विचलित करने वाली घटना है. उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए. कांग्रेस ये बताए कि उसका हाथ भारत के साथ है या पाकिस्तान के साथ. सरकार को अपनी विदेश नीति स्पष्ट करनी चाहिए. एक तरफ हमारे जवानों की हत्या हो रही है और दूसरी तरफ सरकार पाकिस्तान से बातचीत कर रही है."

उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूं कि रक्षा मंत्री इस बारे में बयान दें और इस मुद्दे पर सदन में एक बहस कराई जाए.”

इससे पहले पाकिस्तानी सेना की कथित गोलीबारी और तेलंगाना के मुद्दे पर संसद में जमकर हंगामा हुआ और दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई.

राज्य सभा में विपक्षी सदस्यों ने पाकिस्तानी सेना की कथित गोलीबारी में भारतीय सैनिकों के मारे जाने की घटना पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान की मांग की.

हंगामा

सभापति हामिद अंसारी ने मामले को शांत करने की कोशिश की लेकिन वे लगातार हंगामा करते रहे. आख़िर सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई.

लोकसभा में तेलंगाना के मुद्दे पर एक बार जमकर हंगामा हुआ. प्रश्नकाल शुरू होते ही पृथक तेलंगाना का विरोध कर रहे सांसदों ने 'वी वांट जस्टिस' के नारे लगाने शुरू कर दिए.

लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने उन्हें शांत करने की कोशिश की लेकिन वे लगातार हंगामा करते रहे. आखिरकार अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी.

तेलंगाना मुद्दे पर मॉनसून सत्र के पहले दिन सोमवार को भी संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ था और बोडोलैंड सहित कई नए राज्यों की मांग उठी थी. बोडो क्षेत्र के दो सदस्यों ने संसद भवन के बाहर धरना भी दिया था.

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