कश्मीर से फिर पलायन नहीं होने देंगे: केंद्र

किश्तवाड़, जम्मू-कश्मीर

भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ इलाके में हुई हिंसा को लेकर संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने जम कर हंगामा किया.

राज्य सभा में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, “मैं इस सदन को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि 1990 वाली स्थिति फिर से दोहराई नहीं जाएगी. हर इलाके के प्रत्येक व्यक्ति को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी.”

वर्ष 1990 में हिंसा के कारण बड़े पैमाने पर कश्मीर से लोगों का पलायन हुआ था.

पी चिदंबरम गृह मंत्रालय की ओर से विपक्ष के सवालों का जवाब दे रहे थे. क्योंकि गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे बीमार हैं और मुंबई में उनका इलाज चल रहा है.

इससे पहले राज्य सभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि हिंसा के दौरान पुलिस मूक दर्शक बनी रही और सेना को समय पर तैनात नहीं किया गया.

बयान

चिदंबरम ने जेटली का जवाब देते हुए कहा, "ईद की नमाज सुबह 10.30 बजे ही ख़त्म हो गई थी लेकिन पत्थरबाजी और आगजनी उसके बाद भी जारी रही. सेना को तुरंत बुला लिया गया. सेना शाम के करीब पाँच बजे इलाके में फ्लैग मार्च किया था."

चिदंबरम ने सदन को बताया कि सेना के बुलाए जाने के बाद किश्तवाड़ में कोई भी अवांछित घटना नहीं घटी है. इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है.

चिदंबरम ने यह भी कहा कि हम सभी भारतीय हैं. किश्तवाड़ में रहने वाले तीन भारतीयों की जान गई है और यह पूरे देश के लिए दुख की बात है.

किश्तवाड़ में चार दिन से लगातार कर्फ्यू लगा हुआ है. जिला प्रशासन का मानना था कि वर्तमान स्थिति में विपक्षी दल के नेता का किश्तवाड़ में दौरा करना उचित नहीं रहेगा. स्थिति सामान्य हो जाने के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार नेताओं को वहाँ जाने और लोगों से मिलने की अनुमति देगी.

संयम की जरूरत

अरुण जेटली ने सरकार से पूछा था कि "धारा 144 के आधार पर कैसे राज्य में दो लोगों के प्रवेश को रोका जा सकता है?" इसके जवाब में चिंदबरम ने कहा कि धारा 144 के तहत किसी के साथ जाति या लिंग के आधार पर विभेद नहीं किया जाता और इसके बारे में स्थानीय प्रशासन ही फैसला करता है.

राज्य में हुई गिरफ्तारियों के संदर्भ में वित्त मंत्रम चिदंबरम ने कहा कि राज्य प्रशासन ने कुछ गिरफ्तारियाँ की हैं और ज़रूरत पड़ने पर कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है. केन्द्र सरकार कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने में राज्य सरकार की पूरी मदद करेगी.

पी चिदंबरम ने सरकार की तरफ से लोगों से स्थिति सामान्य होने तक संयम बनाए रखने को कहा है.

इससे पहले जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि किश्तवाड़ में ईद के दिन हुई सांप्रदायिक हिंसा की घटना पूर्वनियोजित थी.

जम्मू के किश्तवाड़ ज़िले में शुक्रवार को दो समुदायों के बीच हुई झड़पों में तीन लोगों की मौत हो गई. इसके बाद से जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है.

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