'कारोबारी' रॉबर्ट वाड्रा पर संसद में कोलाहल

Image caption मुरादाबाद के रहने वाले रॉबर्ट वाड्रा, प्रियंका गाँधी के पति हैं.

मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के कथित भूमि सौदों के मामले पर सरकार की तीखी आलोचना की और कांग्रेस से सफ़ाई मांगी.

भारी शोर शराबे के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, जब रॉबर्ट वाड्रा के साथ साथ किश्तवाड़ में हुई हिंसा पर सांसदों ने विरोध प्रकट किया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार हरियाणा राज्य के आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने राज्य सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी है जिसमे कथित रूप से प्रदेश सरकार और रॉबर्ट वाड्रा पर ज़मीन की खरीद फरोख़्त मामले में सांठ-गाँठ का आरोप है.

मंगलवार को संसद में मामले पर भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने बिना उनका नाम लेते हुए रॉबर्ट वाड्रा द्वारा कथित रूप से 'कम समय में हुई अत्याधिक आमदनी' पर सवाल उठाया.

उन्होंने कहा, "सिर्फ़ 44 वर्ष की आयु में बड़ी पहुँच रखने वाले एक व्यक्ति हैं जिन्हें सैंकड़ों करोड़ रूपए कमाने की कला बिना किसी बिज़नेस स्कूल में गए हुए या निवेश किए ही आती है.”

यशवंत सिन्हा के बयान देते ही लोक सभा में हंगामा मच गया और कांग्रेस सांसदों के विरोध के बीच सदन की अध्यक्ष मीरा कुमार ने कार्यवाही स्थगित कर दी.

रॉबर्ट वाड्रा पर लगे आरोपों का मुद्दा दोपहर बाद हुई सभी राजनीतिक दलों की बैठक में भी उठा.

हालांकि कांग्रेस ने मामले पर कोई भी बहस कराने से साफ़ इनकार कर दिया.

समर्थन

Image caption पिछले आम चुनाव में रॉबर्ट वाड्रा ने प्रियंका के साथ प्रचार भी किया था.

इस बीच सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती से मामले पर समर्थन मिला है.

उन्होंने कहा, "वाड्रा के मामले पर कांग्रेस को जवाब तो देना चाहिए लेकिन अगर रॉबर्ट वाड्रा ने कुछ गलत भी किया है तो उसके लिए सोनिया गाँधी को ज़िम्मेदार ठहराना अनुचित है".

ग़ौरतलब है कि आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने आरोप लगाया है कि रॉबर्ट वाड्रा ने गुड़गांव में लगभग 3.50 एकड़ भूमि के कथित फर्जी दस्तावेज के माध्यम से वाणिज्यिक कॉलोनी के लाइसेंस पर मुनाफ़ा कमाया.

उधर, बीजेपी सांसदों के हंगामें के बीच राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने वाड्रा मामले पर चर्चा करवाने से इनकार कर दिया.

उन्होंने नाराजगी ज़ाहिर करते हुए कहा कि राज्यसभा में किसी कानून पर अमल नहीं हो रहा, हर कानून को तोड़ा जा रहा है और सदन 'अराजक तत्वों का संघ' हो गया है.

इस टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी ने मांग की है कि राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी का सदन के संबंध में 'अराजकतावादियों का संघ' बयान वापस लिया जाए.

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