रसातल में रुपया, सेंसेक्स हुआ चित

  • 19 अगस्त 2013
Image caption बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स सूचकांक में सोमवार को भी गिरावट का दौर जारी रहा.

डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार गिरावट जारी है. अपने पिछले निचले स्तर को तोड़ते हुए दोपहर के कारोबार के दौरान रुपये की कीमत घटकर 62.60 रुपये प्रति डालर के भाव पर पहुंच गई.

इससे पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि रिजर्व बैंक के डालर बेचने और अन्य सरकारी उपायों के चलते रुपये में मजबूती का रुख देखने को मिलेगा. लेकिन ऐसा हो न सका.

बीते सप्ताह शुक्रवार को रुपया 61.65 रुपये प्रति डॉलर के भाव पर बंद हुआ था. इस तरह सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में एक रुपये की गिरावट देखी गई.

रुपये में गिरावट का नकारात्मक असर शेयर बाज़ार पर भी दिखा. बाजार खुलते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स में 200 अंकों से ज़्यादा और एनएसई के निफ़्टी में 70 अंकों से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई.

गिरावट जारी

Image caption प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का मानना है कि भारत के सामने 1991 के संकट जैसे हालात नहीं हैं.

हालांकि इसके तुरंत बाद सेंसेक्स और निफ़्टी में थोड़ा सुधार आया, लेकिन रुपये की चाल टूटने के साथ ही शेयर बाज़ार भी लड़खड़ाने लगे.

दोपहर के कारोबार के दौरान सेंसेक्स में करीब 450 अंकों और निफ्टी में 140 अंकों की गिरावट देखने को मिली.

इस दौरान मेटल शेयरों से ही बाज़ार को थोड़ी मदद मिलती हुई दिखाई दी, लेकिन बैंकिंग, पेट्रोलियम, इंफ्रा और ऑटो शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली.

अमरीकी डॉलर के मुकाबले रुपये में जारी गिरावट से चालू खाते का घाटा भी बढ़ रहा है.

चिंता

स्थिति इसलिए भी चिंताजनक बताई जा रही है क्योंकि 1991 के मुकाबले भारत का चालू खाता घाटा काफी अधिक है और रुपया अधिक कमज़ोर.

हालांकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को यह स्पष्ट किया था कि देश के सामने 1991 जैसे आर्थिक संकट के हालात नहीं हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पीटीआई से कहा था कि 1991 की ओर लौटने का कोई सवाल ही नहीं है क्योंकि उस समय भारत में विदेशी मुद्रा विनिमय स्थिर दर पर आधारित था जबकि अब यह बाज़ार से जुड़ा हुआ है.

बॉम्बे शेयर एक्सचेंज के सेंसेक्स में शुक्रवार को 750 अंकों से ज़्यादा की गिरावट और रुपये के रिकार्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद आज एक बार फिर शेयर बाज़ार और रुपये में गिरावट का सिलसिला जारी है.

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