डॉलर के मुकाबले रुपया 65 के पार

Image caption रुपए की गिरावट के कारण सेसेंक्स बाज़ार भी संभलने का नाम नहीं ले रहा है

गुरुवार को भी रुपए का गिरना जारी है और एक वक्त रुपया 65 के आंकड़े के पार चला गया लेकिन बाद में इसमें थोड़ा सुधार दर्ज हुआ है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अमरीका के केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिज़र्व की ओर से ऐसे संकेत मिले थे कि अगले महीने से वो अर्थव्यवस्था को दिए जा रहे प्रोत्साहन में कम कर सकता है, और इन संकेतों के बाद से रुपए में और गिरावट होनी शुरू हुई.

बुधवार को रुपए ने 64.5450 का आंकड़ा छू लिया था, लेकिन गुरुवार को भी इसमें गिरावट जारी रहा.

फ़ेडरल रिज़र्व के अधिकारियों का मानना है कि केंद्रीय बैंक को बांड बाज़ार से भारी खरीद रोक लेनी चाहिए. वर्ष 2008 से इसकी शुरुआत की गई थी ताकि बाज़ार में ब्याज दर कम रहे और आर्थिक विकास को सहारा दिया जा सके.

उधर डॉश बैंक की एक रिपोर्ट ने बुधवार में भविष्यवाणी की गई थी कि एक महीने में रुपया 70 के आंकड़े को छू लेगा.

रुपया तो गिरा, आपका क्या होगा?

नाकामयाबी

Image caption प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का मानना है कि भारत के सामने 1991 के संकट जैसे हालात नहीं हैं.

तमाम कोशिशों के बावजूद भारतीय रिज़र्व बैंक रुपए की गिरावट रोकने में नाकामयाब रहा है.

बीते 14 अगस्त को भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपए की कीमत में जारी गिरावट को थामने के लिए विदेशों में भारतीय कंपनियों के निवेश को हतोत्साहित करने सहित कई कड़े कदमों की घोषणा की थी. हालांकि इन कदमों का कोई ख़ास असर होता नहीं दिख रहा है.

इससे बाज़ार में भारत की आर्थिक प्रगति के भविष्य पर भी सवाल उठे हैं.

सरकार ने लोगों द्वारा फ्लैट स्क्रीन टीवी जैसी वस्तुओं के भारत में लाने पर कर लगाने की घोषणा की है.

कुछ लोगों का मत है कि सरकार एक साथ कई चीज़ें करने की कोशिश कर रही है.

गुरुवार को शुरुआती व्यापार में बांबे स्टॉक सेंसेक्स 76 अंक लुढ़का. उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में भई गिरावट जारी रही.

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