पहले भी आसाराम पर लगे हैं गंभीर आरोप

  • 23 अगस्त 2013
आसाराम

हत्या, भूमि हथियाने, काला जादू या फिर मीडियाकर्मियों से बदतमीज़ी करने का मामला हो, आसाराम हरपलानी या आसाराम बापू हमेशा आरोपों के कारण विवादों के घेरे में रहे हैं.

आसाराम इसको परमात्मा का हस्तक्षेप कहते हैं तो कई लोग क़ानून की अनिच्छा और नेताओं की असमर्थता.

आसाराम के ख़िलाफ़ बुधवार को दिल्ली में एक नाबालिग़ लड़की ने यौन शोषण का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है.

लेकिन यह पहली बार नहीं है कि आसाराम को गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना करना पड़ रहा है.

कौन हैं आसाराम

आसाराम का जन्म अविभाजित भारत में नवाबशाह ज़िले (वर्तमान पाकिस्तान) के बेरानी गांव में, 17 अप्रैल, 1941 को हुआ था.

कम उम्र में ही उनके पिता की मृत्यु हो गई थी. आसाराम की वेबसाइट का दावा है कि जीवन के शुरुआती दिनों से ही आसाराम की ध्यान और आध्यात्मिकता में रुचि थी.

उन्होंने अपने परिवार को छोड़ दिया और वृंदावन में संत लीलाशाह के आश्रम में जाने से पहले देश की यात्रा की.

आसाराम आश्रम के प्रवक्ता मनीष बगाड़िया के अनुसार आज आसाराम के पास 425 आश्रम, 1,400 समिति, 17,000 बाल संस्कार केन्द्र और 50 गुरुकुल हैं.

बगाड़िया का दावा है कि भारत और विदेश में आसाराम के पांच करोड़ से अधिक अनुयायी हैं. इनमें छात्र, फ़िल्म स्टार्स, क्रिकेटर, उद्योगपति और राजनेता शामिल हैं.

अहमदाबाद में उनका आश्रम, जो आसाराम का मुख्यालय है, मोटेरा में सरदार पटेल क्रिकेट स्टेडियम के पास 10 एकड़ भूमि पर स्थित है. यह ज़मीन राज्य सरकार ने दी थी.

आरोप

आसाराम हमेशा विवाद से घिरे रहे हैं. हत्या, ज़मीन हथियाने, काला जादू करने, लोगों को धमकी देने जैसे और कई तरह के आरोप आसाराम के ख़िलाफ़ लगाए गए हैं.

आसाराम की योग वेदांत समिति को 2001 में एक कथित सत्संग के लिए 11 दिन के लिए मध्य प्रदेश के रतलाम में मंगल्य मंदिर के परिसर का उपयोग करने की अनुमति दी गई थी.

लेकिन 12 साल बाद भी समिति ने परिसर को ख़ाली नहीं किया है और 700 करोड़ रुपए मूल्य की 100 एकड़ भूमि पर क़ब्ज़ा किया हुआ है.

भूमि अब जयंत विटामिंस लिमिटेड की है और श्रमिक समिति के ख़िलाफ़ मुक़दमा लड़ रहे हैं.

साल 2000 में गुजरात सरकार ने आसाराम आश्रम को नवसारी जिले के भैरवी गांव में 10 एकड़ ज़मीन दी थी.

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आश्रम ने और छह एकड़ भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है.

ग्रामीणों के कड़े विरोध के बाद पुलिस की सहायता से ज़िला प्रशासन ने अतिक्रमण गिरा दिया और भूमि का क़ब्ज़ा ले लिया.

आसाराम आश्रम के पूर्व सदस्य राजू चंडक ने पुलिस के साथ एक हलफ़नामे में दावा किया कि उन्होंने आसाराम को महिलाओं का यौन शोषण करते देखा है.

उन्होंने कहा कि आसाराम को तांत्रिक रस्में करते भी देखा गया है.

दिसंबर 2009 में राजू चंडक पर अहमदाबाद में दो अज्ञात व्यक्तियों ने बंदूक़ों से हमला किया. गुजरात पुलिस ने आसाराम और दो अन्य के ख़िलाफ़ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया है.

छात्रों की मौत

पांच जुलाई 2008 को दो छात्रों के शव साबरमती नदी के तट पर पाए गए थे. 10 वर्ष के दीपेश वाघेला और 11 के अभिषेक वाघेला.

दोनों बच्चे मोटेरा में आसाराम आश्रम के गुरुकुल (आवासीय विद्यालय) में पढ़ रहे चचेरे भाई थे.

बच्चों में से एक के पिता ने आरोप लगाया कि उनके पुत्र को एक तांत्रिक अनुष्ठान में मारा गया था. मामले के गरमाने के बाद मामला सीआईडी को सौंप दिया गया. जांच के एक साल बाद सीआईडी ने इसे गैर इरादतन हत्या का मामला करार दिया.

अपनी रिपोर्ट में सीआईडी ने कहा जांच के दौरान उन्हें आश्रम में तंत्र साधना और काले जादू की गतिविधियों का कोई सीधा सबूत नहीं मिला है. लेकिन इस संबंध में किए गए लाई डिटेक्टर टेस्ट में मामले के अभियुक्त फेल हो गए थे.

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