युवराज सिंह ने कहा बिग बॉस तो मैं हूं बॉस

युवराज सिंह

बिग बॉस....बिग बॉस, तो मैं हूं बॉस...और इसके बाद एक ज़ोरदार ठहाका, न सिर्फ़ ख़ुद युवराज सिंह बल्कि हॉल में बैठे सभी खेल पत्रकारों और अन्य व्यक्तियों का. युवराज सिंह एक प्रचार कार्यक्रम के सिलसिले में नोएडा आए हुए थे.

यह युवराज सिंह का जवाब था, जब उनसे पूछा गया कि क्या आप बिग बॉस में नज़र आने वाले है?

उन्होनें कहा कि मेरा उद्देश्य सिर्फ देश के लिए खेलना है. इसके बाद तालियों की आवाज़ एक बार फिर से गूंज उठी.

युवराज सिंह पिछले काफ़ी समय से भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर है और आजकल अपनी फ़िटनेस पर ज़्यादा ध्यान दे रहे है.

अपनी फ़िटनेस के बारे में जानकारी देते हुए उन्होने कहा कि वह पिछले दिनो कैंसर से उबरने के बाद अपनी फ़िटनेस को पूरी तरह एक बार फिर हासिल करने के लिए नेशनल क्रिकेट एकेडमी गए और वहां बेहद कड़ी मेहनत की.

केवल ट्रेनिंग पर ध्यान

इसके बाद मैने सोचा कि रोज़ाना सामान्य तरह के अवरोधों और जिन चीज़ो से ध्यान भटकता है, उनसे निजात या छुटकारा पाने के लिए क्यों ना ऐसी जगह देखी जाए जहां मैं दूसरी तरह के खेल खेल सकूं, जहॉ दूसरी तरह की ट्रेनिंग हो, दूसरी तरह का खाना हो, वातावरण हो जिससे मै अपनी ट्रेनिंग पर ही ध्यान केंद्रित कर सकूं. अपनी डाइट पर भी ध्यान दूं और बस अपना उद्देश्य पूरा कर सकूं.

इसी वज़ह से मै फ्रांस गया. भारत में रहकर ऐसा करना मुश्किल था.

यहां रहता तो आप सभी मेरे बारे में हर दिन कुछ ना कुछ जानने की कोशिश करते.

इससे दूर रहकर मुझे बेहद मदद मिली, हो सकता है कि आप हमेशा ऐसा नही करते लेकिन कभी-कभी तो ऐसा होता है.

वैसे फ्रांस में युवराज सिंह अकेले नही थे, उनके साथ तेज़ गेंदबाज़ ज़हीर खान भी थे.

युवाओं की टीम में भूमिका

लगे हाथ खेल पत्रकारों ने उनका हाल भी पूछ लिया तो युवराज ने कहा कि पिछले दिनों ज़हीर ख़ान ने बड़ी मेहनत की है.

ज़हीर ने अपना वज़न कम से कम छह किलो घटा लिया है. हम दोनो ही भारतीय टीम से बाहर हैं और इससे हमें एक दूसरे से तालमेल बनाने में काफी मदद मिली.

मुझे पूरा भरोसा है कि ज़हीर ख़ान एक बार फिर से अपनी पुरानी क्षमताओं के साथ टीम में वापसी करेगा. हमने एक दूसरे का मनोबल भी बढाया.

इसके बाद युवराज सिंह ने भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की इस बात पर कि वह कोई दूसरी युवा टीम नही चाहते बल्कि चाहते है कि उसमें अनुभवी खिलाड़ी हो, कहा कि.............मुझे बडी ख़ुशी है.

लेकिन जिस तरह से युवा खिलाड़ियो ने इन दिनो शानदार प्रदर्शन किया है, मुझे लगता है कि एक मज़बूत टीम बनाने के लिए उसमें अनुभवी और युवा खिलाड़ियो का सही तालमेल होना चाहिए.

मै अपने अनुभव के आधार पर व्यक्तिगत तौर पर कह सकता हूं कि मुझे जो करना था मैने किया और अभी भी मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण अपने देश के लिए खेलना है.

इसे मुमकिन बनाने के लिए मुझसे जो हो सकेगा मै करूंगा. धोनी ज़रूर इसके बारे में सोचते होंगे क्योंकि उन्होने 2011 के विश्व-कप में देखा भी कि युवाओं की टीम में क्या भूमिका रही.

युवराज की तरह खेलता है अर्जुन

Image caption ज़हीर ख़ान भी टीम में वापसी के लिए तैयारी कर रहे हैं

हर आदमी जानता है कि एक बेहतर, अनुभवी और संतुलित टीम कौन सी होती है?

एक बेहतर टीम होनी चाहिए उसमें मै रहूं या नहीं. हमेशा देश के लिए सर्वश्रेष्ट टीमचुनी जानी चाहिए.

टीम के चयन में पुराने प्रदर्शन को नहीं देखा जाना चाहिए लेकिन अंत में लोग यह भी नही भूलें कि हमने पूर्व में देश के लिए क्या किया है?

युवराज ने सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर के साथ छपी अपनी तस्वीर के पीछे की कहानी सुनाते हुए कहा, "क़रीब छह महिने पहले सचिन ने उन्हे फ़ोन कर कहा कि अर्जुन के खेलने का अंदाज़ आपसे मिलता है और दो दिन पहले जब मैने अर्जुन को खेलते हुऐ देखा तो मुझे अपने बचपन की याद आ गई जब मै चंडीगढ़ में खेला करता था. ऐसा लगा कि जैसे मैं ही बैटिंग कर रहा हूं. अर्जुन का क्रिकेट के प्रति लगाव देख कर मुझे लगता है कि उन्होने अपने पिता को देखकर ही यह सब सीखा होगा, और ऐसा लगाव देख कर मुझे बहुत अच्छा लगा."

टीम में करनी है वापसी

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली अगली सीरीज़ में अपने चयन को लेकर उन्होने कहा, "यह सब अक्तूबर से पहले घरेलू टूर्नामेंट में किए गए प्रदर्शन पर निर्भर करेगा कि मैं उनमें कितना खेलता हूं और मैदान पर मेरी गतिविधि कैसी रहती है? मुझे यह भी नही पता कि आगे क्या होने वाला है? लेकिन मुझे अपनी योग्यता पर कभी कोई शक नही है. जो होगा वह नसीब होगा या जो होना है होगा."

इसके बाद उनसे सीधे-सीधे पूछा गया कि क्या आप अपने आपको 2015 के विश्व कप के लिए भारतीय टीम में देखते है?

इस सवाल के जवाब में युवराज ने कहा कि .....हम सभी चाहते है कि 2015 का विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट खेलें. लेकिन यह नहीं पता कि अभी आगे क्या होगा?

अभी तो मेरा उद्देश्य जैसे भी हो सके टीम में वापसी करना है. उम्मीद यही है कि जल्द से जल्द खेलूं और अच्छा करूं.

अब देखना है कि युवराज की वापसी भारतीय टीम में कब होती है. लेकिन उन्हे स्वस्थ देखकर अच्छा लगा.

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