'कोसी परिक्रमा': विहिप ने की मुल्क भर में आंदोलन की घोषणा

उत्तर प्रदेश के अयोध्या मेंविश्व हिंदू परिषद की "84-कोसी परिक्रमा" पर लगाई गई रोक रविवार को जारी रही. इसके विरोध में परिषद ने सोमवार से देश भर में धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की है.

राज्य पुलिस ने परिषद के कई वरिष्ठ नेताओं को दोपहर में ही गिरफ्तार कर लिया था. इससे एक दिन पहले भी काफी गिरफ्तारियां हुई थीं.

स्थानीय पत्रकार अरशद अफ़ज़ाल ख़ान ने बीबीसी को बताया कि सरकार प्रतिबंध को लागू करवाने में पूरी तरह से सफल रही.

अयोध्या और पास के इलाक़ों में जबरदस्त सुरक्षा व्यवस्था है. पुलिस के साथ साथ दंगा पुलिस और पीएसी के जवानों को भी इलाक़े में तैनात किया गया है.

परिषद के नेता अशोक सिंघल को लखनऊ के पास नवाबगंज में गिरफ्तार किया गया जबकि फैज़ाबाद में प्रवीण तोगड़िया पूर्व सांसद और राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य राम विलास वेदांती और लल्लू सिंह चौहान को गिरफ्तार किया गया.

फैज़ाबाद जेल प्रशासन ने इन नेताओं को एटा जेल भेजने की कोशिश शुरु कर दी है.

जिला अधिकारी विपिन कुमार दि्वेदी के अनुसार, ''इन तीनों लोगों से यहां शांति व्यवस्था के खतरे को देखते हुए इन्हें ऐटा जेल में स्थानंतरित कर दिया जाएगा.''

प्रतिबंध

सरकार के प्रतिबंध के बावजूद विश्व हिंदू परिषद इसे जारी रखने की बात कही है. इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने इस रोक को लेकर नराज़गी जताई है.

इनके नेताओं का कहना है कि परिक्रमा पर रोक लगाना ग़ैरक़ानूनीहै जबकि राज्य सरकार का कहना है कि "84-कोसी परिक्रमा" खुद गैर क़ानूनी है और पहले इस समय इसके किए जाने की कोई परंपरा नहीं रही है.

प्रशासन ने इस तरह के संकेत दिए हैं कि अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम अगले 20 दिनों तक जारी रहेंगे.

विश्व हिंदू परिषद के नेता जब 84 कोसी परिक्रमा शुरु करने जा रहे थे तो उसे रोकने के लिए सुरक्षा बलों और परिषद के कार्यकर्ताओं के बीच छिटपुट झड़पे भी हुई लेकिन फिर बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

जानकार कह रहे हैं कि परिषद को स्थानीय स्तर पर समर्थन नहीं मिल पा रहा है.

अयोध्या और फैज़ाबाद में अभी भी जनजीवन सामान्य नहीं हुआ है और लोगों में डर का माहौल है.

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