गैंगरेप: 'मैंने उनसे प्रार्थना की कि वो हमें छोड़ दें'

  • 25 अगस्त 2013
Image caption गुरुवार को मुंबई के परेल इलाके की शक्ति मिल में युवती के साथ गैंगरेप हुआ था.

मुंबई गैंगरेप की शिकार युवती ने पुलिस में अपना बयान दर्ज कराया है. गुरुवार को 22 वर्ष की इस युवती का मध्य मुंबई के परेल इलाके के शक्ति मिल कंपाउंड में पांच लोगों ने कथित रूप से बलात्कार किया था.

मुंबई के जसलोक अस्पताल में इलाज करा रही युवती ने पुलिस को जो बयान दिया है वो इस प्रकार है -

मैं और मेरा सहयोगी महालक्ष्मी रेलवे स्टेशन से सटे पुराने और शक्ति मिल में कुछ तस्वीरें लेने गए थे.

मिल तक पहुंचने के लिए हम महालक्ष्मी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से पैदल ही चल पड़े थे. जब हम मिल कंपाउंड की टूटी-फूटी उस दीवार तक पहुंचे तब तक शाम से साढ़े पांच बज चुके थे. हमें लगा कि इस समय भीतर जाना सुरक्षित नहीं रहेगा. तब तक दो लोग मिल कंपाउंड के भीतर से बाहर आए और उन्होंने हमें बताया कि थोड़ा आगे जाकर मिल के भीतर जाने का एक सुरक्षित द्वार है.

जैसे ही हम दीवार के साथ आगे बढ़े हमें मिल के भीतर जाने का बेहतर रास्ता नज़र आया. हम भीतर चले गए और तस्वीरें लेने लगे.

जब हम तस्वीरें लेने में व्यस्त थे तभी वही दो लोग जिन्होंने रास्ता दिखाने में हमारी मदद की थी, एक तीसरे व्यक्ति के साथ वहां पहुंचे.

तीसरे व्यक्ति ने दावा किया कि वो रेलवे कर्मचारी है और हमसे बोला,"मेरे बॉस ने आपलोगों को तस्वीरें लेते देख लिया है. आपको हमारे साथ आना होगा."

'मेरी मां का फोन'

Image caption गैंगरेप मामले में अब तक चार संदिग्ध गिरफ्तार किए गए हैं.

मैंने उससे कहा कि अपने बॉस से मेरी बात करवाओ. लेकिन उस व्यक्ति ने इनकार कर दिया और हमसे साथ आने को कहा.

तब मैंने अपनी संस्था के फोटोग्राफ़ी डिपार्टमेंट के प्रमुख, अपने बॉस को फ़ोन किया लेकिन उनका फ़ोन व्यस्त था.

थोड़े समय बाद मेरे बॉस ने मुझे कॉल किया. मैंने उन्हें बताया कि रेलवे के कुछ लोग हमें अपने साथ ले जाना चाह रहे हैं. मेरे बॉस ने मुझसे तुरंत वो जगह छोड़कर निकलने को कहा.

जब मैं और मेरे सहयोगी बाहर जाने के दरवाज़े की तरफ़ बढ़ रहे थे तब एक अभियुक्त ने मेरे सहयोगी को रोका और कहा कि कुछ दिन पहले यहां एक व्यक्ति की हत्या हुई थी और ये हत्या मेरे सहयोगी ने ही की थी.

तब मैंने उनसे आग्रह किया वो हमें जाने दें लेकिन वे लोग मुझ पर चिल्ला पड़े और मुझे धमकी दी.

उसके बाद वे लोग हमें मिल कंपाउंड के काफी भीतर ले गए. हमने उन्हें अपना कैमरा और फोन (दोनों तीस-तीस हज़ार रुपए के) देने का प्रस्ताव किया और उनसे प्रार्थना की कि हमें छोड़ दें.

तब उन्होंने हमसे बेल्ट खोलने को कहा. उसके बाद उन्होंने मेरे दोस्त के हाथ उस बेल्ट से बांध दिए. उसके बाद दो और लोग वहां आ गए.

तीन लोग मेरे दोस्त के साथ रुक गए और दो लोग मुझे दीवार के पीछे ले गए.

जब मुझे दीवार के पीछे ले जाया गया तो मेरा फोन बज उठा. कॉल मेरी मां का था. वो पूछ रही थीं कि सबकुछ ठीक तो है न.

अभियुक्त ने मुझे धमकी दी कि मैं मां से यही कहूं कि सब ठीक है. मैंने वही किया जो उन्होंने कहा. उसके बाद मेरी मां का फोन फिर से आया. उन्होंने फिर मुझे धमकाया कि मैं मां से कहूं कि सब ठीक है. चूंकि मां का फोन दो बार आ चुका था इसलिए उन्होंने मेरा फोन लेकर उसे बंद कर दिया.

उसके बाद अभियुक्तों ने मेरी तस्वीर ली और धमकाया कि इस बारे में मैं किसी को कुछ न बताऊं. उनमें से एक ने बीयर की टूटी बोतल निकाली और मुझे धमकाया.

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