शनिवार को गिरफ्तार हो सकते हैं आसाराम

Image caption आसाराम के खिलाफ तथ्य इकट्ठा कर रही है जोधपुर पुलिस

जोधपुर पुलिस आसाराम बापू को शनिवार को भोपाल में गिरफ्तार कर सकती है. शुक्रवार को जोधपुर अदालत में हाज़िर नहीं होने के बाद जोधपुर पुलिस की टीमें भोपाल के लिए रवाना हो रही हैं. आसाराम पर एक नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार और बलात्कार का आरोप है.

जोधपुर (पश्चिम) के पुलिस उपायुक्त अजयपाल लांबा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हमने आसाराम को उनकी उम्र को देखते हुए चार दिन का समय दिया था. अब इससे ज्यादा समय नहीं दिया जा सकता."

जोधपुर पुलिस ने आसाराम को उनके अहमदाबाद आश्रम में जाकर समन सौंपा था.

72-वर्षीय आसाराम इन दिनों भोपाल में हैं. जोधपुर पुलिस की कई टीमें ट्रेन से भोपाल रवाना हो रही हैं. भोपाल में वह जहां भी होंगे, वहीं उनसे पूछताछ होगी.

अजयपाल लांबा ने कहा कि पूछताछ के बाद अगर पुलिस को आरोप सही लगे तो शनिवार को आसाराम की गिरफ्तारी हो सकती है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार जोधपुर पुलिस ने आसाराम के ख़िलाफ़ विभिन्न राज्यों में अब तक दर्ज मुक़दमों का ब्योरा इकट्ठा करना शुरू कर दिया है.

डीजीपी लांबा ने कहा, "हम आसाराम से जुड़े आपराधिक मामलों की जानकारी एकत्रित कर रहे हैं ताकि उनकी पूछताछ और कार्यवाही के लिए पुख्ता आधार तैयार किया जा सके."

पुत्र के कहा-बीमार हैं आसाराम

इससे पहले आसाराम बापू के पुत्र नारायण साई ने कहा था कि आसाराम बीमार हैं इसलिए पुलिस के सामने हाज़िर नहीं हो सके.

आसाराम के पुत्र ने कहा कि उनके पिता ने दिल्ली जाने के लिए हवाई जहाज में शुक्रवार सुबह का आरक्षण कराया था लेकिन उनकी तबीयत अचानक ख़राब हो गई इसलिए टिकट को निरस्त कराना पड़ा.

पत्रकारों के यह पूछने पर कि आसाराम की कब जोधपुर जाने की योजना है, नारायण साई ने कहा कि यह उनके पिता की स्वास्थ्य पर निर्भर करता है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार नारायण ने कहा कि बापू पश्चिमी दवाइयां नहीं लेते और वो केवल आयुर्वेदिक चिकित्सा कराएंगे.

कर्मचारी भी गैर-हाज़िर

दूसरी तरफ आसाराम के आश्रम के जिन तीन कर्मचारियों के पुलिस पूछताछ के लिए आने के उम्मीद थी वो पुलिस के सामने हाजिर नहीं हुए.

Image caption आसाराम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

लांबा के अनुसार, "इनमें से दो कर्मचारियों ने कहा कि उनसे पहले ही पूछताछ हो चुकी है और अगर पुलिस चाहेगी तो वो फिर से हाज़िर हो जाएंगे. तीसरे कर्मचारी शिवा, जो आसाराम का सेवादार हैं, ने मेडिकल प्रमाणपत्र भेजा है और कहा कि वो बीमार है इसलिए नहीं आ सकते."

आसाराम ने गुरुवार को कहा था कि वो अदालत में हाजिर होने के लिए पुलिस से और मोहलत नहीं लेंगे. जोधपुर पुलिस ने उन्हें 30 अगस्त तक अदालत में हाजिर होने के लिए समन दिया था.

पीटीआई के अनुसार आसाराम ने कहा था कि जेल भेजे जाने की स्थिति में वो अनशन शुरू कर देंगे क्योंकि वो "षडयंत्र के तहत" उन्हें दिए जाने वाले भोजन पर भरोसा नहीं कर सकते.

मध्य प्रदेश की भाजपा नेता उमा भारती और प्रभात झा ने आसाराम का बचाव करते हुए उन पर लगाए गए बलात्कार के आरोप को एक "कांग्रेसी षडयंत्र" बताया था.

आसाराम ने गुरुवार को पत्रकारों से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि वे 'उनके खिलाफ साजिश रच रहे' हैं.

ट्वीट

उधर धार्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने अपने ट्वीट में कहा, "अगर आप सार्वजनिक जीवन में हैं और आपसे ग़लती हो जाती है तो आपको इसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार करना चाहिए. लोगों का दिल आपकी सोच से बहुत बड़ा है. वो आपको माफ कर देंगे और आपकी ग़लती भुला देंगे."

श्री श्री रविशंकर ने एक दूसरे ट्वीट में कहा, "जब उच्च क्षमता और चरित्र वाले व्यक्तियों से ग़लती हो तब उन्हें ख़ुद को क़ानून जितनी सजा दे सकता है उससे ज़्यादा कड़ी सजा देनी चाहिए."

श्री श्री ने यह भी कहा कि आरोप प्रमाणित होने से पहले किसी को दोषी नहीं माना जाना चाहिए.

हालांकि श्री श्री रविशंकर ने अपने ट्वीट में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है.

आरोप

जोधपुर पुलिस ने बुधवार को आसाराम के खिलाफ एक नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार और बलात्कार का मामला दर्ज किया था.

पीड़ित उत्तर प्रदेश की रहने वाली है. उसका कहना है कि आसाराम ने 15 अगस्त के दिन जोधपुर के निकट मनाई गांव में उसके साथ बलात्कार किया.

वहीं मीडिया रिपोर्टो के अनुसार आसाराम के प्रवक्ता ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि इनका मकसद आसाराम की छवि को खराब करना है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार