अब आसाराम बापू देंगे आध्यात्मिक नहीं कानूनी सवालों के जवाब

  • 1 सितंबर 2013

यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे धार्मिक गुरु आसाराम बापू को इंदौर से गिरफ्तार कर जोधुपर लाया जा रहा है. जोधपुर में आसाराम की आमद के मद्देनजर पुलिस ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए है.

आसाराम के समर्थको के आगमन पर रोक लगा दी गई है. आसाराम जोधपुर पहुंच गए हैं और पुलिस उन पर लगे आरोपों के सिलसिले में पूछताछ करेगी.

दो दिन तक पुलिस के साथ आँख मिचौली के बाद आसाराम को पुलिस ने शनिवार आधी रात इंदौर में गिरफ्तार किया था. उन्हें तब गिरफ्तार किया गया जब वे 'इह लोक' और 'पर लोक' पर प्रवचन के बाद अपने आश्रम में विश्राम करना चाहते थे. पुलिस उन्हें आधी रात को इंदौर हवाई अड्डे ले गई.

पुलिस इंदौर-दिल्ली के बीच नियमित उड़ान से उन्हें दिल्ली ले गई जहां से आसाराम को विमान से ही जोधपुर लाया जा रहा है.

पुलिस के मुताबिक शनिवार को उनके समर्थकों ने जोधपुर में उत्पात मचाया और मीडियाकर्मियो पर हमला कर दिया था. इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई और आश्रम को सील कर दिया. इसके बाद पुलिस ने आसाराम के साधको को बाहर निकाल दिया और उनमें से 13 को मीडिया पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.

कड़ी सुरक्षा

जोधपुर पुलिस उपायुक्त अजय लांबा का कहना था, ''पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए है. सशत्र बल की चार कंपनियां तैनात की गई है. इनमे दो महिलाओं की हैं. शहर में प्रवेश के लिए नाकेबंदी की गई है ताकि कोई गड़बड़ी वाला तत्व दाखिल न हो सके. आस-पास के ज़िलो को सतर्क किया गया है. किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा.''

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आसाराम को जोधपुर में एक न्यायिक अधिकारी के समक्ष पेश कर रिमांड में लिया जाएगा. पुलिस उन्हें उस स्थान पर भी ले जाएगी जहां कथित तौर पर आश्रम में एक नाबालिग लड़की के साथ यौन दुर्व्यवहार किया गया था. पुलिस घटना की पुष्टि के लिए स्थल का नक्शा बनाएगी जहां आश्रम में अपराध किया गया था. पुलिस के अनुसार कानून के तहत खुद को बेगुनाह साबित करने का भार आसाराम पर ही होगा.

जोधपुर केंद्रीय जेल में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है क्योंकि अगर उन्हें जमानत पर रिहा नहीं किया गया तो न्यायिक हिरासत में जेल भेजा सकता है. जोधपुर जेल में अभी कोई एक हजार से ज्यादा कैदी हैं.

पुलिस कहती है कि आसाराम को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वो प्रारंभिक पूछताछ में अपनी बेगुनाही का सुबूत नहीं दे पाए. उन्हें जोधपुर के महिला थाने ले जाया जा सकता है जहां आसाराम के विरुद्ध ये मामला दर्ज है. इससे पहले आसाराम ने स्वंय को निर्दोष बताया था और शनिवार को अपने प्रवचन में राजस्थान की सतारूढ़ कांग्रेस सरकार को सबक सिखाने का आह्वान भी किया था.

अब अपने ज्ञान से भटके हुए सांसारिक लोगो के अनसुलझे सवालों का पल में उत्तर देने वाले आसाराम को पुलिस के तीखे सवालों का जवाब देना होगा. पुलिस ने इसके लिए एक प्रश्नावली तैयार कर रखी है.

ये विडंबना ही है कि एक समय- साल 2004 में आसाराम बापू तत्कालीन राज्यपाल मदन लाल खुराना के मेहमान बन कर राजभवन में ठहरे थे और प्रवचन दिए थे. उन्हें सलामी के साथ साथ सुरक्षा भी मिली . अब वे उसी राज्य में एक सरकारी ईमारत में रखे जाएंगे, मगर हिरासत में एक आरोपी के बतौर.

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