आसाराम 14 दिन के लिए जेल भेजे गए

  • 2 सितंबर 2013
आसाराम बापू

यौन दुर्व्यवहार के आरोप झेल रहे आसाराम बापू को जोधपुर की एक अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. उन्हें 15 सितंबर तक जेल में रखा जाएगा. उनकी ज़मानत याचिका पर कल सुबह सुनवाई होगी. पुलिस ने कहा है कि पूछताछ पूरी हो गई है.

चमचमाती गाड़ियों में सवारी करने वाले और भव्य आश्रमों में बसेरा करने वाले कथित धर्मगुरु आसाराम बापू ने इससे पहले रविवार-सोमवार की दरमियानी रात एक हवालात में गुज़ारी.

अपने साधक की नाबालिग़ बेटी के साथ यौन दुर्व्यवहार के आरोपों में गिरफ़्तार आसाराम शनिवार से जोधपुर पुलिस की हिरासत में हैं.

आसाराम के वकील ने कहा है कि आसाराम पर लगे आरोप झूठे हैं और वह आज जमानत अर्ज़ी दाखिल करेंगे.

आसाराम के समर्थकों ने बाबा को उम्रदराज़ बताया है और कहा है कि वह उम्र के इस पड़ाव पर ऐसा जुर्म नहीं कर सकते.

मगर पुलिस ने डॉक्टरों की मदद ली और उनका पुरुषत्व परीक्षण कराया जो सही पाया गया है.

आसाराम इंदौर में ही क्यों पकड़े गए?

नर्म-गर्म

आसाराम के बेटे नारायण साईं कहते रहे हैं कि बाबा की सेहत नर्म-गर्म रहती है. डॉक्टरों ने उन्हें भला-चंगा पाया है. डॉक्टरों की एक टीम लगातार बाबा के स्वास्थ्य का परीक्षण कर रही है.

जानकर सूत्रों ने बताया कि रविवार रात आसाराम 11.30 बजे पुलिस बटालियन के परिसर में भवन में सो गए. उन्होंने दूध लिया और फल खाए.

इससे पहले पुलिस उन्हें मौका-ए-वारदात की तस्दीक के लिए जोधपुर के बाहरी इलाक़े में बने उस आश्रम तक ले गई, जहाँ कथित तौर पर पीड़ित के साथ दुर्व्यवहार किया गया था.

पुलिस के मुताबिक़ वैसे तो आसाराम जाँच में सहयोग कर रहे हैं, मगर वे बराबर और बार-बार खुद को बेगुनाह बताते रहे. साथ ही उनका कहना है कि उन्हें जेल में रखा गया तो वो अपवित्र हो जाएंगे.

उदास

सफ़ेद लिबास में लिपटे आसाराम जब पुलिस से मुख़ातिब हुए, तो उनकी निगाहें झुकी थीं और चेहरा उदास. हालांकि वह अपने भक्तों को दुःख-सुख में 'स्थितप्रज्ञ' रहने की सीख देते रहे हैं.

पुलिस ने उनसे पूछा 15 अगस्त की रात आश्रम में क्या हुआ था. जानकारी के मुताबिक़ इस पर आसाराम का जवाब था कि बालिका और उसके माँ-पिता खुद यहाँ आए थे.

पुलिस ने फिर पूछा कि पीड़िता के साथ अकेले में क्या किया? आसाराम ने कहा, "हम साधना कर रहे थे."

जानकारी के मुताबिक आसाराम ने कुबूल किया कि पीड़िता के साथ उन्होंने एक घंटा एकांत में बिताया.

आसाराम के वकील जगमाल सिह ने मीडिया से कहा, "आसाराम पर लगे आरोप मिथ्या हैं. यह सब राजनीतिक कारणों से किया गया है. हम उनकी जमानत अर्ज़ी दाख़िल करेंगे और न्याय की गुहार करेंगे."

पहले भी आसाराम पर लगे हैं गंभीर आरोप

हाजिरी

इस बीच पुलिस ने आसाराम के सेवादार शिवा से पूछताछ करने का फ़ैसला लिया है. शिवा ने रविवार को पुलिस के सामने हाजिरी दी थी. हालांकि अभी भी आसाराम के छिंदवाडा आश्रम स्कूल के दो लोग- शिल्पी और शरत- पुलिस के सामने हाज़िर नहीं हुए हैं, जबकि उन्हें समन दिया गया था.

कोई दो दशक तक अपनी बनाई अध्यात्म की दुनिया में विचरण करने वाले आसाराम के लिए यह मुश्किल घड़ी है. पहले सत्संग, भक्तों की भीड़, भव्यता और आश्रमों की सल्तनत उन्हें विशिष्ट व्यक्ति बनाती थी.

अब समय ने उन्हें वहां ला खड़ा किया है जहां पुलिस, कानून की धाराएं, हवालात और सवालों की श्रृंखला धर्मगुरु का पीछा कर रही हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार