'दाग़ियों' पर सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका

भारतीय सुप्रीम कोर्ट
Image caption सु्प्रीम कोर्ट ने खारिज की सरकार की याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए जाने पर सांसदों और विधायकों को अयोग्य करार देने के अपने फैसले पर फिर से विचार करने की केंद्र सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है.

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वो गिरफ्तार किए गए लोगों को चुनाव में खड़े होने से रोकने के फैसले की समीक्षा के लिए दायर अर्ज़ी पर सुनवाई करेगा.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 22 अगस्त को एक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी जिसमें कहा गया है कि दोषी करार दिए गए सांसद या विधायक अपनी अपील लंबित होने तक सदस्यता कायम रख सकते हैं.

हालांकि कैबिनेट के प्रस्ताव में कहा गया है कि ऐसे सांसदों और विधायकों का मतदान का अधिकार निलंबित रखा जाएगा.

दागियों पर सवाल

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अगर किसी जनप्रतिनिधि को दोषी करार दिया जाता है और उन्हें दो साल या उससे ज़्यादा की सज़ा होती है तो उन्हें अयोग्य करार दिया जाए.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कई राजनीतिक पार्टियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई. राजनीतिक पार्टियों के व्यापक समर्थन के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 22 अगस्त को इस बारे में प्रस्ताव को मंजूरी दी थी.

ये प्रस्ताव जनप्रतिनिधि कानून में संशोधन के तौर पर ये सुनिश्चित करेगा कि अगर दोषी करार दिए जाने के बाद किसी जनप्रतिनिधि की अपील लंबित है तो उसे अयोग्य करार नहीं दिया जा सकता है.

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