उत्तराखंड में मिले 75 और शव, हुआ अंतिम संस्कार

उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा

उत्तराखंड की प्राकृतिक आपदा में मारे गए 75 और लोगों के शव तीन और चार सितंबर को मिले हैं. इनका अंतिम संस्कार कर दिया गया हैं. शवों का अंतिम संस्कार करने से पहले उनके डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं.

पुलिस महानिदेशक सत्यव्रत बंसल ने बीबीसी संवाददाता विनीत खरे को यह जानकारी दी.

सत्यव्रत बंसल ने बताया, " रामबाड़ा टूटे पुल का पुनर्निर्माण करते हुई पीडब्लूडी को 11 शव मिले जबकि रामबाड़ा से ऊपर14,500 फीट की ऊँचाई पर पिछले दो दिन के भीतर 44 शव मिले."

बकरी चराने वाले चरवाहों ने इन शवों के वहाँ होनी जानकारी दी थी.

वर्षा से कुछ राहत मिलने के बाद एक पुलिस उपमहानिरीक्षक स्तर के अधिकारी की अगुआई में 25 सदस्यों का एक दल वहाँ गया है.

सत्यव्रत बंसल ने कहा, "इस दल में पर्वतारोही और कमांडो शामिल हैं. दल का कैंप पतंगुड़ी नाम के स्थान पर बनाया गया है. इससे ऊपर पानी नहीं मिलता है. यहाँ हेलीकॉप्टर से खाना और पानी गिराया जा रहा है."

डीएनए के नमूने

Image caption शवों से मिल रहे गहनों से भी लोग अपने परिजनों को पहचानने की कोशिश कर रहे हैं

उन्होंने कहा, "उत्तराखंड की प्राकृतिक आपदा का लगभग डेढ़ महीना बीत जाने पर उत्तराखंड में अब तक कुल 472 शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है."

56 शवों का अंतिम संस्कार उत्तरप्रदेश में हुआ. नदी में बहते हुए मिले इन शवों का भी डीएनए नमूना ले लिया गया है."

उत्तराखंड में बचाव कार्य पूरा होने के बाद लगभग आधा महीना पहले से रामबाड़ा, केदारनाथ, जंगलचट्टी और गौरीकुंड में इन शवों को ढूँढा जा रहा है. उत्तराखंड में मौसम अभी भी ख़राब है और वहाँ यह बहुत जल्दी बदल जाता है.

शवों को ढूँढने में आ रही परेशानियों के बारे में बताते हुए सत्यव्रत बंसल ने बताया," केदारनाथ में 14500 की ऊँचाई पर ऑक्सीजन की भी कमी है. दुर्गम रास्ते हैं. गहरे खड्डे हैं."

'राज्य सरकारों सूचना'

Image caption शवों के पास मिल रहे पहचान पत्रों के बारे में भी पुलिस परिजनों को सूचित कर रही है

सत्यव्रत बंसल ने बताया, "इकठ्ठा किए गए डीएनए नमूने हैदराबाद भेज दिए जाते हैं. राज्य सरकारों को इसकी सूचना दे दी गई है. इन नमूनों का मिलान करने का काम शुरू किया जा सकता है.

जो लोग डीएनए के नमूने के मिलान के इच्छुक हैं, वह अपने नमूने उत्तराखंड आकर भी डीएनए मिलान के लिए अपने डीएनए के नमूने दे सकते हैं या फिर वो सीधे हैदराबाद की लैब से भी संपर्क कर सकते हैं.

लगातार बारिश और बिगड़े मौसम की वजह से शवों को ढूँढने का दूभर हो रहा है."

पुलिस महानिरीक्षक आर एस मीणा ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, " इससे पहले ख़राब मौसम के कारण शवों को ढूँढने का काम स्थगित करना पड़ा था. "

मौसम विभाग के अधिकारी आनंद शर्मा ने बताया, " पिछले कुछ दिनों में उत्तराखंड में कई जगह पर हल्के से भारी बारिश हुई है.

पिछले 24 घंटों में उत्तरकाशी और मुंसियारी में सबसे ज़्यादा बारिश हुई. उत्तरकाशी में 35 मिमी और मुंसियारी में 28 मिमी वर्षा हुई. अगले 24 घंटों में भी मौसम ऐसा ही बना रहेगा. "

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