मोदी को अमरीकी वीज़ा अब भी नहीं

नरेंद्र मोदी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भले ही नरेंद्र मोदी को अगले चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया हो, पर उन्हें वीज़ा दिए जाने को लेकर अमरीका का रवैया नहीं बदला है.

अमरीकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मैरी हर्फ ने शुक्रवार को संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा, “इस विशेष मामले में लंबे समय से चली रही हमारी वीज़ा नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है. लेकिन मोदी अगर अमरीकी वीज़ा के लिए आवेदन करते हैं तो उनका स्वागत है."

हालांकि उन्होंने यह साफ कर दिया, "लेकिन दूसरे आवेदनकर्ताओं की तरह वो भी उसकी समीक्षा का इंतजार करें. निश्चित रूप से यह समीक्षा अमरीकी कानून के तहत होगी. समीक्षा का नतीजा क्या निकलेगा इस पर मैं कोई अटकलें नहीं लगाऊंगी."

जब प्रवक्ता से ये सवाल पूछा गया कि मोदी भारत की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के उम्मीदवार हैं, तो उनका जवाब था कि वो भारत की घरेलू राजनीति पर टिप्पणी नहीं करना चाहतीं, फ़ैसला भारतीय जनता को करना है, न कि उन्हें.

सवालों का सिलसिला यहीं नहीं थमा, हर्फ से फिर पूछा गया कि हाल ही में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह वॉशिंगटन में थे, कांग्रेस समेत पार्टी के तमाम नेताओं का अमरीका आना जाना लगा रहता है, तो ऐसे में समस्या क्या है? क्या मोदी के खिलाफ़ कोई अभियान चल रहा है या फिर उनके वीज़ा को लेकर क्या आंतरिक समस्या है?

अमरीकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने दोहराते हुए कहा, “हम भारत की घरेलू राजनीति में शामिल नहीं हैं. अगर मोदी को वीज़ा चाहिए तो सामान्य लोगों की तरह ही आवेदन करना होगा और वो ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं.

महत्वपूर्ण है कि गुजरात दंगों के बाद 2005 में अमरीका ने मोदी को राजनयिक वीज़ा देने से इनकार कर दिया था. यही नहीं अमरीका ने मोदी के पर्यटक और व्यापारिक वीज़ा को भी निरस्त कर दिया था.

ब्रिटेन ने भी मोदी विवादास्पद छवि की वजह से उन्हें वीज़ा देने में आनकानी की थी. लेकिन ब्रिटेन ने मोदी को वीज़ा देने के लिए हामी भर दी है.

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