'इंडियन मुजाहिदीन का चरमपंथी' फ़रार

अफ़ज़ल उस्मानी

मुंबई के सत्र न्यायालय में और पुलिस महकमे में शुक्रवार दोपहर उस समय खलबली मच गई, जब इंडियन मुजाहिदीन के कथित चरमपंथी अफ़ज़ल उस्मानी न्यायालय परिसर में पुलिस के चंगुल से फरार हो गए.

आरोप है कि अफ़ज़ल उस्मानी इंडियन मुजाहिदीन के मीडिया सेल के प्रमुख थे.

उन्हें अगस्त 2008 में उन्हें अहमदाबाद में हुए सिलसिलेवार धमाकों के सिलसिले में पुणे से गिरफ्तार किया था. उस्मानी पर इन धमाकों के लिए गाडियां मुहैया कराने का आरोप था.

गुजरात के अहमदाबाद शहर में 26 जुलाई 2008 को शाम 7.30 और 8.15 के बीच 16 बम धमाके हुए थे जिसमें 49 लोगों की मौत हो गई थी और 150 लोग घायल हुए थे. ये धमाके सात से 10 मिनट के अंतराल पर हुए थे.

धमाकों में सार्वजनिक स्थलों के साथ-साथ अस्पतालों को भी निशाना बनाया गया, जहाँ घायलों को लाया गया था. ज्यादातर बम टिफिन बॉक्स में साइकिलों पर लगाए गये थे और कुछ मोटरसाइकिलों में भी रखे गए थे.

उस्मानी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कथित रूप से इंडियन मुजाहिदीन के नौ अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया था. यह सब नवी मुंबई के तलोजा कारगार में थे.

आरोप

शुक्रवार को सभी अभियुक्तों पर आरोप तय किए जाने वाले थे, जिसके लिए उन्हें मुंबई के सत्र न्यायालय में हाजिर किया गया था.

नवी मुंबई पुलिस के कुछ अधिकारी इन अभियुक्तों को सत्र न्यायालय में लाए थे. सूत्रों के मुताबिक़ जब पेशी का इंतज़ार करते हुए पुलिसकर्मी और अभियुक्त न्यायालय परिसर में रुके हुए थे, तब अचानक उन्हें पता चला कि अफ़ज़ल उस्मानी वहां से ग़ायब हैं.

इस घटना से न्यायलय परिसर में खलबली मच गई और उस्मानी को ढूँढने की पुरज़ोर कोशिश शुरु हुई. लेकिन पुलिस को कोई कामयाबी नही मिली.

मुंबई क्राइम ब्रांच के सह पुलिस आयुक्त हिमांशु रॉय से इस बारे में संपर्क करने की सारी कोशिशें नाकाम रही.

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