'उनके मां-बाप को तो होश ही नहीं है'

कठुआ, हमला
Image caption हीरानगर में सुबह सात बजे के क़रीब पहला चरमपंथी हमला हुआ

भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर में गुरूवार सुबह हुए दोहरे चरमपंथी हमले में पुलिसकर्मी शिवकुमार सांगड़ा की मौत हो गई.

पहला हमला सुबह सात बजे के आस-पास कठुआ ज़िले के हीरानगर पुलिस थाने पर हुआ जहां शिवकुमार की मौत हुई.

शिवकुमार के रिश्तेदार कैप्टन सोमदत्त ने बीबीसी से कहा, "हमें सुबह सात बजे के आस-पास इस घटना की जानकारी मिली. शिवकुमार के परिवार में माता-पिता और पांच बहने हैं. उनकी एक चार साल की छोटी सी बेटी भी है.’’

कैप्टन सोमदत्त ने बेहद बुझे हुए स्वर में कहा, "तकरीबन 40 साल के शिव कुमार की मौत की ख़बर के बाद से उनका परिवार बेहाल है. माता-पिता तो होश में ही नहीं है बात तो क्या करेंगे.’

सोमदत्त बताते हैं कि शिवकुमार को नौकरी करते हुए पांच साल गुज़र चुके थे. वे कहते हैं, "यहां नौकरियां हैं ही कहां. बड़ी मुश्किल से तो यहां नौकरियां मिलती हैं. ये भी बड़ी मुश्किल से ही मिली थी.’’

हमला औऱ वार्ता

Image caption ये हमला मनमोहन सिंह औऱ नवाज़ शरीफ़ की न्यूयॉर्क में होने वाली बातचीत से पहले हुआ है

हमले की ये घटना भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ से अमरीका में संभावित मुलाक़ात की ख़बर आने के एक दिन बाद हुई है. दोनों नेताओं के रविवार को मिलने की संभावना है.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हमले की निंदा करते हुए ट्विटर पर लिखा, ''ये शांति के दुश्मनों की ओर से की गई उकसावे की और बर्बर कार्रवाई है.''

उन्होंने कहा कि हीरानगर पुलिस स्टेशन और सांबा की सैनिक चौकी पर किए गए जघन्य हमलों की निंदा करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं.

पिछले पाँच साल से जम्मू कश्मीर में चरमपंथी घटनाओं में कमी आ रही थी. लेकिन इस साल संसद हमले में दोषी ठहराए गए अफ़जल गुरु को फ़ांसी दिए जाने के बाद इन हमलों में तेज़ी देखी गई है.

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