पाकिस्तान अब भी आतंक का केंद्र: मनमोहन सिंह

  • 27 सितंबर 2013
मनमोहन ओबामा
Image caption पिछले चार सालों में दोनों नेताओं की ये तीसरी द्विपक्षीय मुलाक़ात है( फाइल फोटो)

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की है.

दोनों ही नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, निवेश और परमाणु सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की .

मनमोहन सिंह का कहना था कि उन्होंने बराक ओबामा से कहा है कि भारत को इस संबंध में कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है क्योंकि पाकिस्तान अभी भी आतंकवाद का केंद्र बिंदु है.

बीबीसी संवाददाता ब्रजेश उपाध्याय का कहना है कि मनमोहन सिंह के बयान से ये अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के बीच होने वाली बातचीत का टोन तल्ख रहेगा.

भारत का विपक्ष शुरू से ही कह रहा है कि ये बातचीत का सही समय नहीं है

जम्मू-कश्मीर में बुधवार को हुए चरमपंथी हमले के बाद इस मुलाक़ात पर काले बादल मंडरा रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री ने मीडिया को दिए बयान में काफ़ी हद तक स्पष्ट कर दिया है कि मुलाक़ात रद्द नहीं होगी. मनमोहन सिंह का कहना था बिना बातचीत के किसी मसले को सुलझाने की दिशा में आगे नहीं बढ़ा जा सकता है.

जम्मू हमले की निंदा

बराक ओबामा ने जम्मू में हुए चरमपंथी हमले की निंदा करते हुए कहा कि उनकी संवेदनाएं हमले में मारे गए लोगों के परिजनों के साथ हैं.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ से होने वाली मुलाकात पर मनमोहन सिंह का कहना था कि वो नवाज़ शरीफ से मिल तो रहे हैं लेकिन इस मुलाकात से बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं रखनी चाहिए. क्योंकि आतंकवादी घाटी में अभी भी सक्रिय हैं.

इससे पहले, वाशिंगटन पहुंचकर प्रधानमंत्री ने कहा था कि अमरीका भारत का एक “अहम रणनीतिक साझेदार” है और राष्ट्रपति ओबामा के शासनकाल में दोनों ही देशों ने अपने आपसी रिश्तों को कई क्षेत्रों में बढ़ाया है.

उनका कहना था, “हम जिस तरह से विकास कार्यक्रमों पर नए सिरे से ध्यान दे रहे हैं, उसके लिए हमें अमरीका के पूर्ण सहयोग की ज़रूरत है.”

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