कीनिया हमला: 'पापा...हर तरफ़ गोलियां चल रही हैं, पर मैं ठीक हूँ!'

  • 30 सितंबर 2013
Image caption नेहल को अगले दिन स्कूल में उप हेड गर्ल की शपथ लेनी थी.

नेहल वेकारिया के लिए शनिवार का वो दिन कोई साधारण छुट्टी का दिन नहीं था.

अगले दिन यानि 22 सितंबर को 16 वर्षीय नेहल को नैरोबी के बेहतरीन स्कूलों में से एक, आर्यवेदिक स्कूल में, उप हेड गर्ल की शपथ लेनी थी.

शनिवार को नेहल अपनी एक मित्र और उसकी मां के साथ वेस्टगेट मॉल में आयोजित की गई खाना बनाने की एक प्रतियोगिता में भाग लेने गई थी.

नेहल के पिता परबत वेकारिया ने नेहल को मॉल पर छोड़ते समय पूछा था, "क्या तुम मेरे साथ दफ़्तर नहीं चलोगी?"

नेहल ने जवाब में कहा था, "बस जल्दी से इस प्रतियोगिता में भाग लेकर मैं आपके दफ़्तर पहुँच रहीं हूँ."

लेकिन कक्षा ग्यारह की अपनी होनहार बेटी नेहल से परबत वेकारिया की वो आखिरी मुलाक़ात थी.

हमला

परबत वेकारिया अपने दफ़्तर पहुंचे ही थे कि उन्हें गोलियों की आवाजें सुनाई पड़ने लगीं.

उनका दफ़्तर वेस्टगेट के पास में ही स्थित सरित शॉपिंग सेंटर में है.

परबत वेकारिया ने बताया, "जैसे ही मैंने गोलियों की आवाज़ें सुनीं मुझे लगा कि लूट की कोई घटना हो रही है. फिर भी मैंने नेहल को फोन किया और उसने कहा पापा हर तरफ़ गोलियां चल रही हैं, लेकिन मैं ठीक हूँ. अपनी मित्र और उसकी मां के साथ वेस्टगेट के टॉप फ्लोर पर मौजूद हूँ."

इसी बीच परबत वेकारिया ने नेहल की मां को फोन किया और उनसे कहा कि ऐसी एक घटना हो रही है लेकिन नेहल ठीक है और उनकी उससे बात भी हुई है.

नेहल वेकारिया की मां ने भी उसे तुरंत फ़ोन किया और उन्हें भी यही जवाब मिला.

शव

परबत वेकारिया उस दिन को याद करते वक़्त भावुक हो जाते हैं.

उन्होंने कहा, "करीब चार घंटे की बेचैनी के बाद मेरे पास एमपी शाह अस्पताल से फ़ोन आता है कि आप यहाँ आकर अपनी बेटी के शव की पहचान करिए. इसी बीच मेरे एक भतीजे ने कुछ तस्वीरें दिखाईं जो मॉल से बाहर भागते लोगों ने खींची थीं. एक में नेहल ज़मीन पर पड़ी हुई थी और उसके चारों तरफ़ खून फैला हुआ था. अस्पताल जाकर मैंने देखा कि मेरी बेटी की बाईं आँख और पैर में गोलियां लगीं थीं".

आँखों में आंसू के साथ परबत वेकारिया ने मुझे बताया कि कैसे नेहल ने उनसे कुछ ही दिन पहले कहा था कि वो चार्टर्ड एकाउंटटेंट बनना चाहती है.

Image caption परबत वेकारिया उस दिन को याद करते वक़्त भावुक हो जाते हैं.

उन्होंने बताया, "नेहल की मां अभी तक इस सदमे से बाहर नहीं आ सकी है और मैं तो जैसे टूट चुका हूँ. हमारे घर की रौनक चली गई".

नुकसान

कीनिया में रहने वाले भारतीय मूल के तमाम ऐसे लोग हैं जो वेस्टगेट मॉल पर हुए हमले के बाद से सदमे में है.

इस मॉल में 20 प्रतिशत से भी ज़्यादा दुकानें और व्यवसाय ऐसे ही लोगों के थे जो अब पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं.

जान-माल का जो नुकसान हुआ है वो कीनिया और नैरोबी के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ.

अधिकारियों के मुताबिक़ अभी तक 67 लोगों की मौत की पुष्टि की जा सकी है जबकि गुमशुदा लोगों की तलाश का काम जारी है.

इस्लामी चरमपंथी गुट अल-शबाब ने नैरोबी के बीचोबीच, दिन दहाड़े हुए इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

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