अमरीकी कामबंदीः क्या हुआ इन चार शादियों का?

अमरीकी शादियाँ

अमरीकी संसद में जारी गतिरोध ने राष्ट्रीय पार्कों के आगे बंदी के बोर्ड टाँग दिए हैं. अचानक बंद हुए इन पार्कों में होने वाली शादियाँ भी इसके चलते टल गईं. एक नज़र ऐसी चार शादियों पर, जो होनी तो थीं इन राष्ट्रीय पार्कों में, लेकिन जिन्हें कहीं और कराया गया.

नताशा-शॉन: शादी-6 अक्टूबर, लॉस एंजेलिस

नताशा जूलियो और शॉन कॉलिन जब लास एंजेलिस के छोर पर मौजूद पैरामाउंट रैंच से गुज़रे, तो उन्हें लगा था कि उन्हें अपनी शादी के लिए आदर्श जगह मिल गई है.

नताशा कहती हैं, "जैसे ही हम पैरामाउंट रैंच में घुसे, मैं जानती थी कि मैं यहीं शादी करूंगी. हम खुशी से उछल रहे थे."

कामबंदीः ओबामा का एशिया दौरा रद्द

नताशा को जब पता चला कि कामबंदी की वजह से यह स्थान भी बंद होने जा रहा है तो वे टूट गईं. वे कहती हैं, "मैं काम पर ही रोने लगी थी. यह बहुद दुखद था. मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ."

''मेरी शादी के लिए मित्र और रिश्तेदार दूरदराज से आ रहे थे. कुछ तो ताइवान से आ रहे थे. उनके पास शादी टालने का विकल्प ही नहीं था. रिफंड मिलना भी संभव नहीं था.''

ऐसे में जूलियो और कॉलिन के पास न पैसा बचा था और न समय. कुछ किस्मत और एक अजनबी की मदद से नताशा किसी तरह दो दिन के भीतर होने वाली अपनी शादी के लिए नई जगह तलाश पाईं.

पैरामाउंट रैंच से मात्र दो घंटे की ड्राइव पर वुडेन निकेल रैंच के मालिक को स्थानीय मीडिया से नताशा की शादी रद्द होने के बारे में पता चला.

रविवार को उनके यहां होने वाली शादी भी रद्द हो गई थी. नताशा और कॉलिन पर दया करते हुए उन्होंने 90 फ़ीसदी कम दाम पर अपनी प्रॉपर्टी में शादी कराने का ऑफ़र दिया. नताशा वुडेन रैंच के मालिक को ही अपनी शादी का असली हीरो मानती हैं.

विपक्षी रिपब्लिकन फ़िरौती चाहते हैं: बराक ओबामा

ड्रैक-ज़ैक: शादी-17 अक्टूबर, जगह-अज्ञात

अपने परिवार की पहली मुलाकात के लिए एक आदर्श स्थान खोजने के लिए ड्रैक लुकास और ज़ैक काउवे ने एक साल से ज़्यादा वक़्त पिंट्रेस्ट जैसी वेबसाइटों पर गुज़ारा और आख़िर उन्होंने कैलिफोर्निया के योसेमाइट नेशनल पार्क में अपनी शादी करने की योजना बनाई.

ड्रैक कहती हैं, "हमने यह स्थान चुना था क्योंकि हम तनावरहित शादी चाहते थे." मगर कामबंदी के कारण अब पार्क बंद हो चुका है.

वे कहते हैं कि अब फूलों से लेकर स्थान तक, सबकी तैयारी एक हफ़्ते से भी कम समय में करनी है. ऐसे में जैसा उन्होंने सोचा था शायद अब ऐसा न हो पाए.

अपनी शादी बचाने की कोशिशों में लगी ड्रैक लुकास अमरीकी कांग्रेस को राय देती हैं, "मैंने सुना है शादी में बहुत समझौते करने होते हैं. मुझे लगता है कि काम पर भी हमें समझौते करने होते हैं. यदि हम अपना रास्ता नहीं बना पा रहे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि हम हार मान जाएं."

वे कहती हैं, "हमें अपने बिल वक़्त पर अदा करने होते हैं क्योंकि बहुत सी समस्याएं हैं जिनसे हमें असल में निपटना होता है. ऐसी समस्याएँ पैदा करने की ज़रूरत नहीं, जिन्हें आप टाल सकते हैं."

अमरीका में अनिश्चितता: एशियाई बाज़ार गिरे

जेनेवीव-माइकल: बुधवार को हुई एरिज़ोना में शादी

'मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे शादी के परिधान में हाइकिंग करनी पड़ेगी.'

जेनेवीव जैक एथलीट हैं और मुश्किल स्थिति से निकलना जानती हैं, लेकिन जब उन्हें पता चला कि ग्रैंड कैन्यन में होने वाली उनकी सपनों की शादी अब नहीं हो पाएगी, तो उनकी साँसें अटक गईं.

वे कहती हैं, "मुझे गुरुवार रात को फोन आया. मैं रो पड़ी. मुझे लगता था कि मैं अपनी शादी पर ही ब्राइडज़िला (चुड़ैल दुल्हन) बनने जा रही हूँ."

जेनेवीव और उनके मंगेतर माइकल सलैमी अमरीकी सरकार की कामबंदी के कारण नेशनल पार्क बंद होने के बीच कोई तालमेल नहीं बिठा पा रहे थे.

2 अक्टूबर को होने वाली उनकी शादी में छह दिन बचे थे और उनके पास कई विकल्प थे. फ़िर न्यूजर्सी का यह जोड़ा अपनी शादी के लिए एरिज़ोना के सेडोना पहुँच गया.

अपनी शादी के लिए उन्हें अप्रत्याशित रूप से शादी की पोशाक में ही चढ़ाई करनी पड़ी. जेनेवीव की अब तक राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन अब हनीमून के दौरान भी कामबंदी से जुड़ी खबरों पर उनकी नज़र है.

अमरीकी भारतीयों पर क्या गुज़र रही है?

माइलीन-माइकल: शनिवार को वाशिंगटन डीसी में शादी

माइलीन ली और माइकल कैसेसो की पहली मुलाकात चार साल पहले जैफ़रसन मेमोरियल पर हुई. वे यहीं शादी करना चाहते थे और तमाम तैयारियाँ पूरी कर ली गईं थीं.

राजनीति से जुड़े पेशों में होने के कारण दोनों कैपिटॉल हिल इलाक़े से अनजान नहीं थे. मगर जब उनकी शादी ही वॉशिंगटन की राजनीति की भेंट चढ़ गई, तो वे इस झटके को हल्के में नहीं ले पाए.

कैसेसो कहते हैं, ''ये बहुत ही निराशाजनक और हताश करने वाला था.'' इस जोड़े ने वॉशिंगटन में ही शनिवार को एक दूसरी जगह शादी की.

कैसेसो मानते हैं कि इस दुखद अनुभव का भी एक अच्छा पहलू रहा.

उनका कहना है, ''इस दुखद वक़्त के दौरान हमारे बीच न कोई झगड़ा हुआ और न कोई बहस. मैं आश्वस्त हूँ कि मेरी शादी लंबी चलेगी और मैंने सही साथी चुना है.''

उन्हें कई अजनबियों ने तोहफ़े भी भेजे, लेकिन उन्होंने इनके पैसों को बेघर युवाओं के लिए काम करने वाली एक संस्था को दान कर दिया. वे मानते हैं कि कामबंदी का सबसे ज़्यादा असर ऐसे ही लोगों पर पड़ रहा है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार