मुज़फ़्फ़रनगर दंगे में आज़म ख़ान को नोटिस

Image caption पुलिसवालों का आरोप है कि उनका निलंबन मंत्री आजम खान के इशारे पर किया गया था.

मुज़फ़्फ़रनगर दंगों के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आज़म ख़ान को नोटिस जारी किया है. साथ ही कोर्ट ने दंगों के मामलों में निलंबित किए गए पांच पुलिस वालों के निलंबन पर भी रोक लगा दी है.

अदालत ने आज़म ख़ान को कोर्ट नोटिस मिलने के दस दिनों के अंदर अपना जवाबी हलफ़नामा दायर करने के निर्देश दिए हैं. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को भी नोटिस जारी कर उसे दो सप्ताह के अंदर अपना जवाब दाख़िल करने को कहा है.

उत्तर प्रदेश सरकार ने मुज़फ़्फ़रनगर दंगों के मामले में पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था. पुलिसवालों का आरोप है कि यह निलंबन राज्य के मंत्री आज़म ख़ान के इशारे पर किया गया था.

आदेश

कोर्ट ने कहा कि निलंबन के आदेश में दुर्व्यवहार का जो आरोप लगाया गया है वह उचित नहीं लगता, इससे मात्र यही पता लगता है कि ये पुलिस वाले दंगों के समय और कारगर ढंग से निपट सकते थे.

वहीं, कोर्ट ने कहा कि जो आरोप यूपी के मंत्री पर लग रहे हैं, वह काफ़ी गंभीर हैं और इस पूरे प्रकरण में इस आदेश के पीछे के कारणों पर ग़ौर किया जाना चाहिए.

अदालत के अनुसार इस पर यह भी देखा जाना ज़रूरी है कि क़ानून का पालन हुआ है या नहीं.

इन पुलिसवालों ने यह भी आरोप लगाया था कि आज़म ख़ान के दबाव के बाद उन सात लोगों को हिरासत से रिहा किया गया था जिन पर दो जाट लड़के की हत्या के आरोप लगे थे. ऐसी ख़बरें भी आई थीं कि कथित तौर पर इसी वजह से इलाक़े में दंगे भड़के थे.

इन दंगों में 50 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और क़रीब 50 हज़ार लोगों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ा था जो आज भी कैंपों में रह रहे हैं.

यह आदेश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने पुलिस अधिकारी ओमवीर सिंह, सुभाष चंद्र, प्रमोद सिंह यादव व इन्द्रमणि वर्मा की याचिका पर दिया है.

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए अभियुक्तों को गिरफ़्तार भी किया था लेकिन मंत्री के दबाव में उन्हें छोड़े जाने के बाद साम्प्रदायिक दंगा भड़क गया.

सरकार ने इन पुलिस कर्मियों को कर्तव्य पालन में शिथिलता बरतने के आरोप में निलंबित किया था. जबकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने कर्तव्य पालन किया और उन्हें राजनैतिक दबाव के चलते निलंबित किया गया है.

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