भारतीय व्यवस्था न्याय करने में असमर्थ ?

बिहार के जहानाबाद ज़िले के लक्ष्मणपुर और बाथे गांव में 58 लोग मारे गए थे, मारे जाने वालों में 27 महिलाएं और 16 बच्चे भी थे. पिछले दिनों पटना हाई कोर्ट ने इस मामले में सभी अभियुक्तों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया.

ये पहला मामला नहीं है जहां दलितों की हत्या के मामले में साक्ष्य के अभाव में अभियुक्त बरी हुए हैं.

बात सिर्फ दलितों की ही नहीं है. कई समाजशास्त्रियों का मानना है कि भारत के लंबे लोकतांत्रिक इतिहास में समाज के हाशिए पर रह रहे लोगों के साथ हुए अन्याय का हिसाब कभी नहीं हुआ. तो क्या भारतीय व्यवस्था ऐसे लोगों के साथ न्याय करने में असमर्थ है.

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बीबीसी इंडिया बोल में इस शनिवार 12 अक्तूबर भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे इसी विषय पर होगी चर्चा

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