समुद्री तूफ़ान की आशंका से सेना सतर्क

फ़ैलिन समुद्री तूफ़ान, ओडीशा, नासा

ओडीशा और आंध्र प्रदेश में समुद्री तूफान पायलिन की आशंका को देखते हुए रक्षामंत्री एके एंटनी ने तीनों सेनाओं को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दे दिए हैं.

पायलिन के शनिवार की शाम तक ओडीशा और आन्ध्रप्रदेश के तटों तक पहुंचने की संभावना है.

इससे पहले, ओडीशा और आंध्रप्रदेश सरकारों ने रक्षा मंत्रालय से समुद्री तूफान को देखते हुए बचाव एवं राहत अभियान चलाए जाने की मांग की गई थी. इसके बाद रक्षा मंत्री एंटनी ने रक्षा सचिव से इस मुद्दे पर चर्चा की.

दूसरी ओर, मौसम विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार समुद्री तूफ़ान पायलिन से दक्षिणी ओडीशा के सर्वाधिक प्रभावित होने की आशंका है. तूफ़ान की वर्तमान दिशा उत्तर-पश्चिम है. इसलिए इस तूफ़ान के ओडीशा के बाद छत्तीसगढ़ की तरफ़ बढ़ने की संभावना है.

भुवनेश्वर के मौसम विभाग के निदेशक शरत साहू ने बीबीसी से कहा, "समुद्री तूफ़ान 12 अक्तूबर की शाम को उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडीशा के पास से गुज़रेगा."साहू के अनुसार, "ओडीशा से गुज़रते हुए इस तूफ़ान की गति 210 से 220 किलोमीटर तक रहने की संभावना है. तट के क़रीब आने पर ठीक-ठीक पता चलेगा कि तूफ़ान की तीव्रता कितनी है."

इस रफ्तार के तूफ़ान से कच्चे मकान, पुरानी इमारतें, रेलरोड ट्रैफ़िक, बिजली के खंभे प्रभावित हो सकते हैं. इसके अलावा इसकी वजह से बाढ़ आने और खेती को भी भारी नुक़सान पहुँचने की आशंका है.

साल 1999 में 29 अक्तूबर को तूफ़ान आया था जिसकी रफ़्तार 250 से 260 किलोमीटर प्रति घंटा थी. इसकी वजह से क़रीब 10,000 लोग मारे गए थे.

साहू ने कहा, "हमें इस तूफ़ान से जुड़े आँकड़े मिल रहे हैं. हमें रडार डाटा मिलना भी शुरू हो जाएगा फिर हम इसके बारे में ज्यादा सही अनुमान लगा सकेंगे."

उनके अनुसार ओडीशा का मौसम विभाग राज्य सरकार से लगातार संपर्क में है, वे अपने बुलेटिन को भी लगातार अपडेट कर रहे हैं और राज्य के उच्च अधिकारियों को एसएमएस के माध्यम से लगातार अपडेट दे रहे हैं.

इस तूफ़ान की दिशा के आधार पर दक्षिणी ओडीशा के गंजाम ज़िले के गोपालपुर, कंधमाल ज़िले के फूलबानी और सोनपुर ज़िले के सर्वाधिक प्रभावित होने की आशंका है. इऩ इलाकों में क़रीब दो से तीन लाख लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं.

ख़तरा

समुद्री तूफ़ान पायलिन के और मज़बूत होने के कारण तटीय आंध्र प्रदेश और ओडीशा के 23 ज़िलों में ख़तरा बढ़ गया है. इस कारण इलाक़े में शुक्रवार से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है.

भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि शुक्रवार तड़के भारतीय समयानुसार 2.30 बजे तूफ़ान का केंद्र पारादीप तट से दक्षिण-पूर्व में क़रीब 590 किमी की दूरी पर बना हुआ था. शनिवार शाम तक पायलिन के कलिंगापट्टनम और पारादीप तट को पार करने की संभावना है.

मौसम विभाग ने तटीय इलाक़ों से लोगों को पूरी तरह से निकालने का सुझाव दिया है.

तूफ़ान के कारण तटीय इलाक़ों में 205 से 215 किमी प्रति घंटा की गति से हवाएं चल सकती हैं, जिसके कारण ओडीशा और तटीय आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मच सकती है.

दोनों राज्यों में आपातकालीन स्थिति से निपटने और राहत कार्य के लिए सेना को तैयार रहने के लिेए कहा गया है.

तूफ़ान की चपेट में आने वाले इलाकों में राहत कार्य चलाने के लिए हेलीकॉप्टर और भोजन के पैकेट तैयार रखे गए हैं.

मौसम विभाग ने शुक्रवार से समुद्र में मछली पकड़ने पर पूरी तरह से रोक लगाने और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह के साथ रेल और सड़क परिवहन के संचालन में सावधानी बरतने का भी सुझाव दिया है.

मौसम विभाग के मुताबिक़ तूफ़ान के कारण शनिवार की सुबह से तटीय ओडीशा और आंध्र प्रदेश के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में बेहद भारी बारिश होगी. इन राज्यों के आसपास के इलाक़ों में भी बारिश होगी.

इन इलाक़ों में शुक्रवार की सुबह से 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चल रही है. पायलिन के क़रीब आने के साथ ही हवाओं की गति बढ़ेगी और शनिवार की शाम तक इनकी गति 215 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.

मौसम विभाग के मुताबिक़ तूफ़ान के कारण समुद्र में दो से ढाई मीटर ऊंची लहरें उठेंगी. इस कारण ओडीशा के गंजाम, खुर्दा, पुरी और जगतसिंहपुर और आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम ज़िले के निचले इलाक़ों में बाढ़ की आशंका है.

पिछले साल नवंबर में आए नीलम तूफ़ान के कारण तटीय इलाक़ों में भारी तबाही मची थी. लेकिन माना जा रहा है कि पायलिन तूफ़ान नीलम से ज्यादा ताक़तवर है. इस कारण भारी तबाही की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ उपग्रह से ली गई तस्वीर में बंगाल की खाड़ी में बने तूफ़ान का आकार भारत के आकार का क़रीब आधा है.

एजेंसी ने लंदन स्थित तूफ़ान पर नज़र रखने वाली एजेंसी ट्रॉपिकल स्टॉर्म रिस्क के हवाले से बताया है कि फ़ैलिन कैटेगरी-4 का तूफ़ान है जबकि सबसे ताक़तवर तूफ़ान को कैटेगरी-5 में रखा जाता है.

इस बीच, प्रभावित इलाक़ों में सरकार ने अपने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी है और आपदा प्रबंधन दल को तैयार रहने के लिए कहा गया है.

गुरुवार को ओडीशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा था कि तूफ़ान से जन-जीवन और संपत्ति को नुक़सान पहुंचने की आशंका है.

उन्होंने कहा कि पायलिन से प्रभावित होने वाले ज़िलों में लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के साथ प्रशासन को सभी ज़रूरी उपाय करने को कहा गया है.

पटनायक ने रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर आपदा से निपटने के लिए सेना को तैयार रखने को कहा है.

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