पायलिन तूफ़ान: क्या करें, क्या न करें

विशाखापट्टनम
Image caption तटीय इलाक़ों में रह रहे लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.

मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवाती तूफ़ान पायलिन ओडीशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश श्रीकाकुलम के तटों से गुज़र गया है. तूफ़ान रविवार सुबह तीन बजे तक ख़तरनाक रहेगा और इसके बाद इसकी गति में कमी आएगी.

विभाग के अनुसार ओडीशा के भुवनेश्वर में शनिवार सुबह 8 बजकर 30 मिनट से शाम 8 बजकर 30 मिनट तक 130 मिमी बारिश हो चुकी है जबकि गोपालपुर में 78 मिमी बारिश हुई है.

पायलिन तूफ़ान के कारण पानी 300 से 600 मीटर अंदर भी आ सकता है. इससे बचने के लिए सरकार ने कई क़दम उठाए हैं.

सेना के तीनों अंगों को अलर्ट कर दिया गया है.

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के उपाध्यक्ष शशिधर रेड्डी ने कहा कि ओडीशा के चार ज़िलों से तक तीन लाख 60 हज़ार लोगों को और आंध्र प्रदेश के तीन ज़िलों से 85 हज़ार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा रिजर्व बल (एनडीआरएफ़) की टीम ओडिशा पहुंच चुकी है और अतिरिक्त बल भी तैयार हैं जो ज़रूरत पड़ने पर तैनात किए जाएंगे.

उत्तरी आंध्र प्रदेश, ओडीशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाक़ों में मछुआरों को सख़्त चेतावनी दी गई है कि वे समुद्र की ओर न जाएं. मछली मारने के काम को पूरी तरह रोक दिया गया है.

प्रभावित इलाक़ों में रेल और सड़क यातायात पर भी रोक लगा दी गई है. लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील की गई है.

क़ुदरत से लड़ाई

अधिकारियों के अनुसार कच्चे मकानों को सबसे ज़्यादा क्षति पहुंचने की आशंका है.

Image caption मछुआरों को समुद्र की ओर जाने से मना किया गया है.

ओडीशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सूर्य नारायण पात्रा ने कहा कि तटीय इलाक़ों में किसी को भी कच्चे मकानों में नहीं रहने दिया जाएगा.

उनका कहना था, ''हम लोग क़ुदरत से लड़ाई कर रहे हैं. हम लोगों ने 1999 में आए तूफ़ान से बहुत कुछ सीखा है, इसलिए इस बार हमलोग ज़्यादा बेहतर तरीक़े से तैयार हैं.''

ओडीशा की राजधानी भुवनेश्वर से वरिष्ठ पत्रकार संदीप साहू ने बताया कि अकेले गंजाम ज़िले में एक लाख से अधिक लोगों को राज्य सरकार के बचाव कैंपों में पहुंचाया गया है लेकिन कैंपो में पके हुए खाने की ठीक व्यवस्था नहीं है.

बीबीसी संवाददाता सलमान रावी ने भुवनेश्वर पहुंचकर वहाँ से ख़बर दी है कि अधिकारियों ने दोपहर 12 बजे से भुवनेश्वर हवाई अड्डा बंद करने की घोषणा की है और सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं.

रेल सेवाओं पर भी इसका असर हुआ है. ओडीशा के अंदर चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी गईं हैं. लंबी यात्रा करने वाली ट्रेनें के रूट बदल दिए गए हैं या रद्द कर दिए गए हैं.

ओडीशा सरकार ने तूफ़ान के मद्देनज़र एक दिशा निर्देश जारी कर आम जनता से उनका पालन करने की अपील की है.

एनडीएमए के उपाध्यक्ष शशिधर रेड्डी ने कहा कि लोगों से अपील की गई है कि तूफ़ान के दौरान वे रेडियो सुनते रहें क्योंकि टीवी और दूसरे संचार माध्यम प्रभावित हो सकते हैं लेकिन रेडियो शायद अकेला ऐसा ज़रिया है जो चलता रहेगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार