पायलिन के बाद बिहार और झारखंड भी बेहाल

तूफान पीड़ित
Image caption ओडिशा में तूफान के कारण भारी तबाही हुई है जिसका अंदाजा अधिकारी अभी लगा रहे हैं

ओड़िशा और आंध्र प्रदेश के तटों पर शनिवार को आए तूफान पायलिन का असर बिहार और झारखंड राज्यों के मौसम पर भी पड़ा है.

कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवालों के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है.

कई इलाकों में लोगों को घंटों बिजली की किल्लत झेलनी पड़ रही है.

मनीष शांडिल्य, पटना से स्थानीय पत्रकार

बिहार में आपदा नियंत्रण विभाग के अनुसार रविवार को राज्य को भर में बारिश हुई लेकिन किसी तरह के जान माल की सूचना नहीं है. गया जिले में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई जबकि नेपाल से सटे पूर्वी चंपारण जैसे इलाकों में कम बारिश हुई.

पटना मौसम विज्ञान केंद्र का पूर्वानुमान है कि सोमवार को पूरे राज्य में बारिश होगी और आठ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी.

झारखंड और पश्चिम बंगाल से सटे बिहार के नवादा और नालंदा जैसे इलाक़ों में ज़्यादा बारिश होने की संभावना है. राज्य के आठ ज़िलों में आपदा प्रबंधन बल के जवान तैनात किए गए हैं.

आपदा नियंत्रण कक्ष के अधिकारी सीवी पांडे ने बताया कि पटना में राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ़) की दो टीमें तैनात हैं जबकि दो और टीमें सोमवार को पटना पहुंच जाएंगी.

बिजली को लेकर राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और बिजली ट्रांसमिशन की व्यवस्था की निगरानी की जा रही है.

नीरज सिन्हा, रांची से स्थानीय पत्रकार

शनिवार दोपहर बाद से ही झारखंड के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है और तेज हवाएं चल रही हैं.

उड़ीसा से सटे जमशेदपुर और चाईबासा जैसे इलाकों में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. राज्य के अधिकतर राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है.

राज्य की राजधानी रांची में दर्जनों जगह बड़े बड़े पेड़ उखड़ गए हैं जबकि शहर के बड़े इलाके में 18 घंटों से बिजली गुल है. इससे रांची में जनजीवन अस्त व्यस्त है.

शनिवार को रांची से जाने वाली तीन ट्रेनें रद्द कर दी गईं जबकि रविवार को हटिया से पुरी जाने वाली तपस्विनी एक्प्रेस तीन घंटे देरी से रवानी हुई.

मौसम वैज्ञानिक एसएस जोजो ने बताया कि सोमवार दोपहर तक बारिश इसी रफ्तार से होती रहेगी. झारखंड सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से कम से कम घरों से निकलने को कहा है.

राज्य के खनन वाले इलाकों के प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वो अभी मजदूरों में खदानों में न जाने दें. उन्हें सतर्क रहने को कहा है.

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