बिहार: बारिश थमी, अब तक 11 की मौत

  • 15 अक्तूबर 2013

बिहार में मंगलवार को पायलिन चक्रवाती तूफ़ान के प्रभाव के कारण राज्य के उत्तरी हिस्सों को छोड़ बाकी हिस्सों में सुबह से ही बारिश नहीं हो रही है. लेकिन इस बीच बिहार में भी इस तूफ़ान से लोगों के हताहत होने की ख़बरे मिली हैं.

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के अलग-अलग ज़िलों में सोमवार और मंगलवार को कुल 11 लोग मारे गए हैं.

जानकारी के अनुसार पेड़ गिरने से वैशाली में चार और मधेपुरा में दो लोगों ने जान गंवाई जबकि भागलपुर ज़िले में भारी बारिश के कारण तीन लोगों के मारे जाने की सूचना है.

साथ ही बक्सर और मुज़फ़्फ़रपुर में एक-एक व्यक्ति की मौत मकान गिरने से हुई है.

बाढ़ जैसी स्थिति नहीं

आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राज्य में नदियों का जल-स्तर बढ़ा है लेकिन सभी नदियां अभी ख़तरे के निशान से नीचे है और बाढ़ को लेकर कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है.

राजधानी पटनामें भी मंगलवार सुबह से बरसात नहीं हो ही है. ऐसे में लोग अपने ज़रुरी काम निपटाने के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकले. सड़कों पर ख़ास कर दुर्गा-पूजा संपन्न होने के बाद देवी दुर्गा और अन्य प्रतिमाओं को विसर्जित करने वाले भक्तों की भीड़ दिखी. भक्तों ने बारिश से बचाने के लिए प्रतिमाओं को पारदर्शी प्लास्टिक की चादरों से लपेट रखा था.

पटना में लगातार बारिश से लोगों को राहत तो मिली है लेकिन कई इलाकों में जल-जमाव की समस्या बनी हुई है और कई घरों में भी पानी घुस गया है.

दूसरी ओर, पटना मौसम विज्ञान केंद्र के सहायक वैज्ञानिक बीएन चौधरी ने बताया कि बिहार में पायलिन चक्रवात के कारण पैदा हुआ तूफ़ान अब बिहार से पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर मुड़ गया है.

चौधरी के अनुसार इसके बावजूद अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के सभी ज़िलों में एक-दो जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है. इससे पहले, सोमवार को पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार दोपहर तक सूबे में बारिश के थम जाने की संभावना जताई थी.

बीएन चौधरी ने यह भी बताया कि अगले चौबीस घंटों के दौरान राज्य के उत्तरी हिस्से में लगभग 20 किलोमीटर या इससे ज्यादा रफ़्तार से हवाएं चलेंगी. जबकि राज्य के शेष हिस्से में हवा की रफ़्तार लगभग 10 घंटे प्रति किलोमीटर रहने की संभावना है.

विज्ञान केंद्र के जारी आंकड़ों के मुताबिक सोमवार सुबह साढ़े आठ से मंगलवार साढ़े आठ बजे के बीच राज्य में सबसे ज्यादा बारिश कटिहार में दर्ज की गई. वहां इस दौरान 24 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई.

कटिहार के बाद इस दौरान पूर्णिया में 23 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है. जबकि राजधानी पटना में लगभग 4 सेंटीमीटर बारिश हुई.

मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश

सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए सभी ज़िलाधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे पायलिन च्रक्रवाती तूफान से उत्पन्न स्थिति पर निरंतर चौकसी रखें और जान-माल की सुरक्षा और राहत के लिए प्रभावी कदम उठाएं.

किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने सुपौल, पूर्णिया, सीतामढ़ी, दरभंगा, गोपालगंज और पटना (बिहटा) जिलों में एनडीआरएफ़ और भागलपुर, पूर्णिया, बेगूसराय, जहानाबाद, भोजपुर, गोपालगंज और पटना (बिहटा) जिलों में एसडीआरएफ़ की टीमों को तैयार रहने को कहा हैं.

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