ओडिशा: बाढ़ की स्थिति में लगातार सुधार

उत्तरी ओडिशा में बाढ़ की स्थिति में बुधवार से कुछ सुधर आया है लेकिन सबसे अधिक प्रभावित बालेश्वर ज़िले में अभी भी हज़ारों लोग पानी के घेरे में हैं.

बूढ़ाबलंग और बैतरनी नदियों में पानी का स्तर अब ख़तरे के निशान से नीचे है, जिससे मयूरभंज, भद्रक और जाजपुर ज़िलों में बाढ़ की स्थिति काफी हद तक सुधरी है. लेकिन बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित बालेश्वर ज़िले में अभी भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.

बालेश्वर में राहत और बचाव कार्य की निगरानी के लिए जिले में तैनात किए गए वरिष्ठ अधिकारी अरबिन्द पाढ़ी ने बीबीसी को टेलीफ़ोन पर बताया, ''दो दिन के बाद आज आखिरकार स्वर्णरेखा नदी का जल स्तर ख़तरे के निशान के नीचे आया है. स्वर्णरेखा का जलस्तर 10.30 मीटर था, जो ख़तरे के निशान से 6 सेंटीमीटर कम है."

अरबिन्द पाढ़ी ने कहा कि बचाव कार्य में तैनात सेना की टुकड़ियों को हटा लिया गया है क्योंकि नदियों में बहाव कम होने के बाद अब अधिकांश प्रभावित गांवों में नाव के जरिए पहुंचना संभव है.

राहत

उन्होंने कहा की मंगलवार तक पानी के घेरे में फंसे 68 हज़ार लोग अब इस घेरे से निकलने में कामयाब हुए है क्योंकि कई स्थानों पर पानी कम हो चुका है.

उन्होंने बताया कि अरबिन्द बाढ़ से पीड़ित लगभग 96 हज़ार लोगों को खाना मुहैया करवाया जा रहा है. इसके अलावा उन्हें पॉलिथीन और सूखा राशन भी दिया जा रहा है.

यहां अभी बारिश नहीं हुई है और स्थिति लगातार सुधर रही है. हालांकि अरबिन्द पाढ़ी ने स्वीकार किया कि अगर अगले एक या दो दिनों में बारिश होने से बाढ़ की स्थिति एक बार फिर ख़राब हो सकती है.

28 की मौत

पहले समुद्री तूफ़ान 'पायलिन' और बाद में से हुई भारी बारिश से आई बाढ़ में अब तक 28 लोगों की जानें गयीं हैं. करीब तीन लाख छिहत्तर हज़ार मकान ढ़ह गए हैं और छह लाख हेक्टेयर ज़मीन पर फसलें नष्ट हुईं है.

इस बीच, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने तूफ़ान और बाढ़ में मरने वालों के परिवारों को चार लाख रुपए मुआवज़े के तौर पर दिए जाने की घोषणा की है. इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हर मृतक के परिवार के लिए दो लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की थी.

मुख्यमंत्री ने राहत सामग्री लूटने वालों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ़्तार करने का आदेश दिया है.

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के प्राकृतिक आपदा खतरा नियंत्रण के सेक्रेटरी जनरल मार्गरेटा कहल्स्त्रोम ने तूफ़ान से पहले करीब नौ लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों में स्थानांतरित करने के लिए राज्य सरकार की सराहना की है. उन्होंने कहा है कि ओडिशा सरकार की इस सफलता को एक मिशाल के तौर पर दुनिया के अन्य देशों सामने में रखा जाएगा.

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