पाकिस्तान के विरूद्ध दूसरे विकल्प पर विचार हो: उमर

उमर अब्दुल्लाह
Image caption उमर अब्दुल्लाह का बयान नवाज़ शरीफ़ के हस्तक्षेप वाले बयान के ठीक दूसरे दिन आया है.

भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने कहा है कि अगर पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम का उल्लंघन जारी रहता है तो भारत को दूसरे विकल्पों की ओर ध्यान देना चाहिए.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ उमर अब्दुल्लाह ने कहा, “ये एक तरफ़ा मामला नहीं रह सकता है. इसमें उस तरह के हालात नहीं रह सकते जिसमें हम हमेशा नुक़सान बर्दाश्त करते रहें और उसका कोई जवाब न दें.”

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने ये बयान श्रीनगर में दिया.

उमर अब्दुल्लाह का बयान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के उस बयान के ठीक दूसरे दिन आया है जिसमें नवाज़ शरीफ़ ने कहा था कि कश्मीर का मसला अमरीका के हस्तक्षेप से सुलझाया जा सकता है.

हालांकि भारतीय विदेश मंत्री ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कह दिया था कि भारत इस मामले का अंतरराष्ट्रीयकरण नहीं होने देगा.

भारत की चिंता

उमर अब्दुल्लाह का कहना था कि भारत का इस मामले में क्या रूख हैं ये भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नवाज़ शरीफ़ से न्यूयार्क में हुई मुलाक़ात में स्पष्ट कर दिया था.

Image caption कहा जा रहा है कि इस साल पिछले आठ साल में युद्धविराम का सबसे ज्यादा उलंघन हुआ.

उन्होंने कहा कि सीमा विवाद के निपटारे के लिए जो व्यवस्था क़ायम की गई है उसके भीतर दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री इंटेलीजेंस इस मामले पर बैठकें करेंगे.

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा कि लेकिन जहां तक मुझे मालूम है ये बैठक अभी तक नहीं हो पाई है. मुझे लगता है कि इसकी कोशिश की जानी चाहिए लेकिन अगर ये संभव नहीं हो पाता है तो भारत सरकार को दूसरे विकल्पों की तरफ़ देखने की आवश्यकता है.

आठ साल का रिकॉर्ड

उमर अब्दुल्लाह ने नवाज़ शरीफ़ के बयान की भी आलोचना की और कहा कि वो सिर्फ घरेलू राजनीति की वजह से अमरीकी हस्तक्षेप की बात को हवा देने की कोशिश कर रहे हैं.

उनका कहना था कि पाकिस्तान को पता है कि भारत कश्मीर मसले के हल के लिए किसी तीसरे देश के हस्तक्षेप की बात कभी स्वीकार नहीं करेगा.

उन्होंने कहा कि दोनों मुल्क इस बात के लिए राज़ी हो चुके हैं कि कश्मीर समस्या का हल आपसी बातचीत से ही सुलझाया जाएगा.

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