हाफ़िज़ सईद के सीमा पर होने की संभावना: शिंदे

सुशील कुमार शिंदे
Image caption सुशील कुमार शिंदे घुसपैठ की बढ़ती घटनाओं के मद्देनज़र जम्मू के दौरे पर हैं.

भारत के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने चरमपंथी संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज़ सईद के सीमा पर चरमपंथियों के प्रशिक्षण में लगे होने की आशंका जताई है.

शिंदे ने कहा, "हाफिज़ सईद के ख़िलाफ़ रेड कार्नर नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है. हमारी सूचना के अनुसार, संभव है कि सईद सीमा की दूसरी तरफ बैठकर चरमपंथियों को प्रशिक्षण दे रहा हो और जब तक वो सरकार उसे हमें नहीं सौंप देती तब तक समस्या बनी रहेगी."

शिंदे ने यह बयान भारत-पाक नियंत्रण रेखा पर कथित घुसपैठ के पीछे लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज़ सईद की संभावित भूमिका के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में दिया.

शिंदे जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा और नियंत्रण रेखा पर युद्धविराम के उल्लंघन की घटनाओं में आई कथित बढ़ोत्तरी के मद्देनज़र जम्मू के दौरे पर हैं. गृहमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में 'घुसपैठ की घटनाएँ बढ़ने पर चिंता जताई'.

सरकार की चिंता

युद्धविराम के उल्लंघन की घटनाओं में इस कथित बढ़ोत्तरी के कारण शिंदे सांबा चौकी के आगे की चौकियों का दौरा नहीं कर सकेंगे. वे सांबा में सीमा सुरक्षा सुरक्षा बल के जवानों से मिले.

सांबा में जवानों को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा, "इस साल घुसपैठ की घटनाएँ बढ़ने से हम चिंतित हैं. मैंने अधिकारियों से इन घटनाओं की बढ़ोत्तरी के लिए जिम्मेदार कारणों पर चर्चा की है."

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस साल युद्धविराम के उल्लंघन की 136 घटनाएँ हुई हैं जो कि पिछले आठ सालों में सर्वाधिक हैं.

सोमवार को भी पाकिस्तानी रेंजरों ने 10 सीमा चौकियों पर गोलीबारी की जिसमें दो लोग घायल हो गए.

भूतपूर्व-सैनिक

सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल(सीएपीएफ) को सरकार का "पूर्ण सहयोग" सहयोग प्राप्त है.

उन्होंने जवानों से कहा कि सीएपीएफ के सेवानिवृत्त जवानों को भी सेना के सेवा-निवृत्त जवानों की तरह भूतपूर्व-सैनिक का दर्जा दिया जाएगा.

शिंदे ने कहा, "सीएपीएफ को सेना की तरह भूतपूर्व-सैनिक का दर्जा नहीं मिलता है. जब मैंने प्रधानमंत्री को यह बात बताई तो उन्होंने मुझसे मंत्रिमंडल में इस बारे में नोट पेश करने के लिए कहा. आपको यह जानकर ख़ुशी होगी कि अब सीएपीएफ़ के जवानों को भी भूतपूर्व-सैनिक का दर्जा मिलेगा."

शिंदे ने जवानों से यह भी कहा कि मंत्रिमंडल सीएपीएफ को कुछ अन्य सुविधाएँ देने पर भी विचार कर रहा है.

गृहमंत्री ने जवानों का यह कहकर उत्साह बढ़ाया कि देश की रक्षा करने में जवानों के सामने आने वाली कठिनाइयों से सरकार वाक़िफ़ है.

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