माही: यारों के यार, खूब पाते प्यार

यारों के यार, खूब पाते प्यार. क्रिकेट का चमकता सितारा, फुटबॉल से भी गहरा लगाव. शौक, तेज रफ्तार से बाइक चलाना. कुत्तों से हमजोली. मैदान में कूल. पर रांची पहुंचते ही हो जाते हैं बिंदास.

रविवार को जब धोनी अपनी टीम के साथ रांची पहुंचे, तो उनके चाहने वालों ने जी भर कर प्यार लुटाया. भीड़़ से आवाज आई: आया माही आया माही...

राँची में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबला चल रहा है. हर किसी की नजरें अपने माही पर है. लोग यही दुआ कर रहे हैं कि माही का जलवा फिर सिर चढ़कर बोले.

क्या युवा, क्या बुजुर्ग, क्या बच्चे सभी इसी इंतजार में हैं कि माही ऑस्ट्रेलिया से हिसाब बराबर कर लेंगे. अभी भारत ऑस्ट्रेलिया से 2-1 से पीछे है.

रविवार को रांची पहुंचने के बाद माही कई कार्यक्रमों में शामिल हुए. दोस्तों से मिले. अपने गुरुजनों का आशीर्वाद लिया. पुराने कोच और पुराने प्रशिक्षकों से भी दुआ-सलाम की.

क्या कहते हैं उनके करीबी

करीब दस साल तक महेंद्र सिंह धोनी के प्रशिक्षक रहे स्थानीय पत्रकार चंचल भट्टाचार्य कहते हैं- होम ग्राउंड धोनी के लिए लकी है. इसी मैदान में 19 जनवरी को इंगलैंड के खिलाफ खेले गए एक अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत ने शानदार जीत हासिल की थी.

भट्टाचार्य कहते हैं धोनी के जीत का सिलसिला बाद में भी जारी रहा. धोनी के नेतृत्व में चेन्नई सुपरकिंग्स ने इसी मैदान में चैम्पियंस लीग टी-20 के तीन मैच जीते थे.

भट्टाचार्य के मुताबिक धोनी में एक उम्दा और होनहार खिलाड़ी के सारे गुण मौजूद हैं. अनुशासन और मेहनत पर उनका ध्यान केंद्रित होता है.

टीम इंडिया के कप्तान की यह खासियत है. सभी का वह सम्मान करते हैं. बदले में खूब प्यार पाते हैं.

वरिष्ठ स्थानीय खेल पत्रकार अजय कुकरेती के मुताबिक धोनी ने कम समय में क्रिकेट की नयी परिभाषा लिख दी है.

Image caption धोनी फुटबाल मैच के दौरान

धोनी से क्रिकेट पर जब भी चर्चा होती है, तो एक बात समझ में आती है कि वह पिच पर समय और जरूरतों के हिसाब से फैसला लेते हैं.

यही वजह है कि तमाम आशंका और विपरीत परिस्थितियों में भी वह कई बार बाजीगर बनकर उभर जाते हैं.

झारखंड के पूर्व खेलमंत्री सुदेश कुमार महतो से भी धोनी के नजदीकी ताल्लुकात रहे हैं. दरअसल सुदेश महतो भी फुटबॉल और क्रिकेट के उम्दा खिलाड़ी हैं. झारखंड में खेल प्रतिभाओं को निखारने में उनकी अहम भूमिका रही है.

पिछले 22 सितंबर को धोनी ने सुदेश महतो के साथ एक दोस्ताना फुटबॉल मैच में शिरकत की थी. सुदेश कहते हैं, "धोनी की वजह से झारखंड में खेल का आयाम निखर रहा है. वह देश और अपने राज्य के प्रति कुछ करना चाहते हैं."

तीन दिन पहले महेंद्र सिंह धोनी और भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया और सुदेश महतो ने झारखंड में हिप-हिप हुर्रे नामक एक कार्यक्रम की शुरुआत की है. इस कार्यक्रम के तहत झारखंड के 4423 पंचायतों में ग्रामीण फुटबॉल खिलाडि़यों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.

उपलब्धि

धोनी ने रांची के जवाहर विद्या मंदिर में पढ़ाई की है. पिछले दिनों स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ वह बैडमिंटन खेलने गए थे. शिक्षकों से भी उन्होंने आशीर्वाद लिया.

स्कूल के गेम्स टीचर केशव रंजन बनर्जी बताते हैं, "धोनी ने जो मुकाम हासिल किया है, वह अपने बूते. कभी उन्होंने खेल की राजनीति नहीं की. स्कूली जीवन में ही इसका अहसास हो गया था कि वह एक दिन खेल की दुनिया में नाम रोशन करेंगे."

धोनी आप लोगों से मिलते हैं, सवाल पर उन्होंने कहा, "उनका तो प्रोटोकॉल है. वे ही मिलने चले जाते हैं."

धोनी के खास मित्र चिट्टु कहते हैं, "अब भी माही यारों के यार हैं. दोस्तों को उन्होंने कभी यह अहसास होने नहीं दिया कि वह बदल गए हैं. भले ही वे ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं, लेकिन उनके सीने में अब भी पुराने माही का ही दिल बसता है."

90 के दशक में धोनी रांची में रॉयल क्रिकेट क्लब से खेलते थे. उनके साथी खिलाड़ी राकेश कुमार कहते हैं, "धोनी में विकेटकिपिंग का इल्म तगड़ा था. अभ्यास हो या मैच धोनी खेल को बड़े गंभीरता से लेते थे."

देउड़ी मंदिर के हैं भक्त

Image caption धोनी फुरसत के क्षणों में अपने प्रशंसकों के साथ

धोनी जब भी रांची आते हैं, देउड़ी मंदिर जाना नहीं भूलते. साथ में उनकी पत्नी साक्षी भी होती हैं.

यह मंदिर रांची-टाटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर है. मां भगवती की पूजा-अर्चना पूरी श्रद्धाभाव से करते हैं.

माना जाता है कि देउड़ी मां की धोनी पर विशेष कृपा है.

मंदिर के पुजारी मनोज पंडा कहते हैं, "धोनी मां के दरबार में एक आम भक्त के जैसा ही आते हैं."

पिछले सितंबर महीने में धोनी रांची आए थे, तो अपनी यामाहा से शहर में सैर करने निकल पड़े थे. हेलमेट लगाए जाने के बाद भी कुछ लोगों ने उनकी पहचान कर ली.

बाद में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस के अफसरों ने धोनी से आग्रह किया कि वह कहीं भी जाएं, तो सूचना जरूर दें. पर यह धोनी के बिंदास वाला अंदाज था.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)¸

संबंधित समाचार