जगन्नाथ को ज़मानत, लालू पर सुनवाई टली

जगन्नाथ मिश्र
Image caption सीबीआई की विशेष अदालत का फ़ैसला आने के बाद जगन्नाथ मिश्र बीमार हो गए थे.

झारखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को चारा घोटाले में जेल भेजे गए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को प्रोवीज़नल (औपबंधिक) ज़मानत दे दी.

अदालत ने मिश्र को इलाज करवाने के लिए आठ जनवरी तक ज़मानत दी है और उन्हें अगले ही दिन आत्मसमर्पण करना होगा. जगन्नाथ मिश्र को चारा घोटाले में चार साल की सज़ा हुई थी.

30 सितंबर को दोषी करार दिए जाने के बाद मिश्र बीमार हो गए थे और उन्हें राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ ले जाया गया था. मेडिकल बोर्ड ने बाद में उन्हें एम्स के लिए रेफ़र कर दिया था.

वहीं, हाई कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव की ज़मानत याचिका पर बहस के लिए सीबीआई को और वक़्त दे दिया. लालू प्रसाद यादव को पाँच साल की सज़ा हुई है.

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Image caption अदालत ने लालू की ज़मानत याचिका पर सुनवाई 30 अक्टूबर तक के लिए टाल दी है.

हाई कोर्ट में जस्टिस आरआर प्रसाद की बैंच ने चारा घोटाले में ही दोषी पाए गए पूर्व विधायक आरके राना को भी चिकित्सीय आधार पर ज़मानत दे दी. राना को पाँच साल की सज़ा हुई है.

लालू प्रसाद के अधिवक्ता प्रभात कुमार ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, 'लालू प्रसाद यादव की ज़मानत याचिका पर बचाव पक्ष की बहस पूरी हो गई है जबकि अदालत ने सीबीआई को अपना पक्ष रखने के लिए 30 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की है.'

चारा घोटाले में दोषी करार दिए गए लोगों की ओर से याचिकाएं मिलने के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई को अब 30 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया है.

सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले से जुड़े छाईबासा ट्रेज़री से 37.7 करोड़ रुपए निकालने के मामले में 30 सितंबर को लालू प्रसाद यादव, जगन्नाथ मिश्र और आरके राना समेत 43 अभियुक्तों को दोषी क़रार दिया था.

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