पटना धमाके: एक व्यक्ति हिरासत में, पाँच की मौत

Image caption पटना में रैली के पास धमाके हुए हैं

बिहार की राजधानी पटना में रविवार को भारतीय जनता पार्टी की हुंकार रैली से पहले सिलसिलेवार छह धमाके हुए जिसमें पाँच लोग मारे गए हैं.

गांधी मैदान में धमाके गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली से कुछ देर पहले हुए.

पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट विमल कारक ने बीबीसी से बातचीत में पुष्टि की है कि धमाकों में पांच मौतें हुई हैं.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 83 लोग अस्पताल लाए गए थे जिसमें से अभी 38 लोग अस्पताल में है.

धमाकों के बाद पत्रकारों से बातचीत में नीतीश कुमार ने कहा, "पुलिस मामले की जाँच कर रही है. हम कोई कसर नहीं छोड़ेगें. लेकिन ऐसा लगता है कि बिहार के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है. ख़ासकर ऐसी तारीख़ पर तब जब पटना में एक बड़ी रैली होनी थी. ये चिंता का विषय है कि बिहार में ऐसा हुआ.

मुख्यमंत्री का कहना था, "जब पहला धमाका हुआ था तो एक व्यक्ति को भागते हुए देखा गया था जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. उनके पास से कुछ सुराग़ मिले हैं, कुछ टेलीफ़ोन नंबर भी मिले हैं. रैली से एक दिन पहले एक सूटकेस गांधी मैदान से मिला था लेकिन उसमें कुछ भी नहीं मिला था."

नीतीश कुमार ने कहा कि ऐसी घटना देश के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश हो सकती है, इसलिए सबको एक जुट होकर रहना चाहिए. उन्होंने सबसे शांति की अपील की है. धमाका पीड़ितों को पाँच लाख रुपए का मुआवज़ा दिए जाने की भी घोषणा की गई.

एनएसजी की टीम भेजी गई

गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने धमाकों की निंदा की है और कहा है कि एनएसजी और एनआईए की टीम भेजी जा रही है. मंत्री ने बताया कि पहला धमाका सुबह 9.30 बजे रेलवे स्टेशन के पास हुआ और पाँच धमाके गांधी मैदान के पास हुए.

आरपीएन सिंह ने जानकारी दी कि ये कम तीव्रता वाले धमाके थे और जाँच के बाद ही आगे की बात चल पाएगी. उन्होंने राजनीतिक पार्टियों से इस पर राजनीति न करने की अपील की.

वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से फ़ोन पर बात की है और उनसे कहा है कि धमाकों की जल्द जाँच की जाए.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक भाजपा ने धमाकों की जाँच की माँग की है और कहा है कि उसके समर्थक इन धमाकों से डरने वाले नहीं है.

नीतीश को प्रधानमंत्री बनने का लालच: मोदी

धमाकों के बाद रैली में अफ़रा तफ़री फैली लेकिन नरेंद्र मोदी ने तयशुदा कार्यक्रम के तहत भाषण दिया. एजेंसियों के मुताबिक भाषण के पहले आधे घंटे में मोदी ने धमाकों का ज़िक्र तक नहीं किया. अंत में उन्होंने कहा कि सब शांति से घर जाएँ और सुरक्षित रहें.

बाद में टविटर पर उन्होंने लिखा, "पटना में हुए धमाके बेहद दुखदायी और दुर्भाग्यपूर्ण हैं. मृतकों के परिवारों के साथ हमारी सहानुभूति है. मैं सबसे शांति की अपील करता हूँ."

हुंकार रैली में मोदी ने कहा कि लोकतंत्र के सबसे बड़े दुश्मन परिवारवाद, जातिवाद, संप्रदायवाद और अवसरवाद हैं और बिहार में ये चारों चीज़ें उभरकर आई हैं.

सिंहासन ख़ाली करो कि जनता आती है...

रैली में गुजरात के मुख्यमंत्री और बीजेपी की तरफ़ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कहा, ''भारत की आज़ादी के दो पड़ाव गांधी का चंपारण सत्याग्रह और गुजरात में गांधी की दांडी यात्रा ये दो पड़ाव हैं. यह हुंकार हिंदुस्तान के करोड़ों ग़रीब लोगों का है, जो बिहार से उठा है.''

बिहार के इतिहास का हवाला देते हुए मोदी ने राज्य की जमकर प्रशंसा की. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतिश कुमार को अपना मित्र बताया.

(नीतीश के बिहार में मोदी की रैली के मायने)

मोदी ने नीतिश कुमार पर तंज़ करते हुए कहा, ''जो जेपी को छोड़ देता है वह बीजेपी को क्यों नहीं छोड़ देगा. जो ख़ुद को लोहिया के चेले समझते हैं उन्होंने खंज़र घोंपा है और कांग्रेस के साथ आंख-मिचौली खेल रहे हैं.''

उन्होंने कहा, ''आपके मुख्यमंत्री गुजरात एक शादी में आए थे. हम एक टेबल में खाना खा रहे थे. शाम का समय था. मित्र हमारे मेहमान थे. ढोकले खिलाए, खमन खिलाए. पेट भी भर गया, मन भी भर गया. इतना गौरव हुआ था क्योंकि मेहमाननवाज़ी करना हमारे देश की परंपरा है. हमने भली-भांति किया था.''

वहीं रैली में मौजूद भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा, ''पटना के इसी ऐतिहासिक गांधी मैदान में लोकनायक जयप्रकाश के नेतृत्व में एक आंदोलन हुआ था. यह आंदोलन एक भ्रष्ट सरकार को हटाने के लिए था. प्रसिद्ध कवि दिनकर ने लिखा था - सिंहासन खाली करो कि जनता आती है.''

बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भी रैली को संबोधित किया. उन्होंने कहा, ''नरेंद्र भाई हिंदुस्तान के जन-जन के विश्वास और भरोसा बन गए हैं. दिल्ली की कांग्रेस सरकार ने जनता का विश्वास तोड़ दिया है. 55 साल से ज़्यादा किसी ने हुकूमत किसी एक पार्टी ने की है तो वो कांग्रेस है. हिंदुस्तान को एक महान भारत बनाने के लिए यह वक़्त कम नहीं होता पर इस पार्टी ने ग़रीबी, कंगाली को बढ़ाया है.''

रैली में शत्रुघ्न सिन्हा और बिहार भाजपा अध्यक्ष सुशील मोदी भी मौजूद थे.

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