गोवाः नाइजीरियाइयों के प्रति उबल रहा है गुस्सा

गोवा बीच, समुद्र तट

उत्तरी गोवा के अफ़्रीकी समुदाय में एक क़िस्म का ख़ौफ़ तारी है.

अपने इलाके में जब मैं दुकानों के बाहर से गुज़री तो वहां नौकरी करने वाले नाइजीरियाई साफ़ तौर पर घबराए हुए दिख रहे थे और गुरुवार की घटना के बारे में बात करने में हिचक रहे थे.

गुरुवार को उत्तरी गोवा में नाइजीरियाई नागरिकों की भीड़ के दंगा करने के बाद स्थानीय लोगों में एक बार फिर बाहरी लोगों के प्रति गुस्सा भर गया है.

पुलिस ने शाम को 53 नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ़्तार कर लिया और बाकी की धरपकड़ के लिए लुक-आउट नोटिस जारी करने के साथ ही छापे मारे जाते रहे.

गुरुवार को अफ़्रीकी मूल के करीब 200 लोग, जिनमें अधिकतर नाइजीरियाई थे, एक नाइजीरियाई नागरिक ओबिना पॉल ओबिरेस के हत्यारों की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर पुलिस से भिड़ गए थे.

ओबिना का शव बुधवार रात को उत्तरी गोवा के पर्रा में मिला था.

स्थानीय मीडिया की ख़बरों के अनुसार ओबिना नशीले पदार्थ बेचता था और एक गैंग वॉर में मारा गया था.

निष्क्रिय पुलिस

दंगाइयों ने ओबिना के शव को गोवा मेडिकल कॉलेज ले जा रही पुलिस वैन को रोककर शव बाहर निकाल लिया था.

Image caption स्थानीय लोगों में अवैध नाइजीरियाई अप्रवासियों को लेकर गुस्सा है

उन्होंने शव को उत्तरी गोवा को दक्षिणी गोवा से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 17 पर रखकर करीब तीन घंटे तक जाम लगा दिया था.

मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे थे.

गोवा में करीब 500 अफ़्रीकी नागरिक रहते हैं, जिनमें से ज़्यादातर नाइजीरियाई हैं. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इनमें से सिर्फ़ 19 लोगों का ही रजिस्ट्रेशन है.

स्थानीय लोग दावा करते हैं कि अवैध रूप से गोवा में रह रहे नाइजीरियाई कार चोरी, नशीले पदार्थों की तस्करी और वेश्वावृत्ति के धंधों में संलिप्त हैं.

राज्य सरकार ने हाल ही में कई बयानों में स्वीकार किया है कि उत्तरी गोवा के पर्यटन क्षेत्रों में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के संगठित गिरोहों के अपराधों में वृद्धि हुई है.

गुरुवार को पुलिस स्पष्टतः कम थी और दंगाई जल्द ही उपद्रव पर उतारू हो गए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने लगे.

प्रतिक्रिया

गुस्साए स्थानीय नागरिक बड़े समूहों में मौके पर इकट्ठे होने लगे और लाठियां लेकर दंगाइयों से भिड़ गए.

उन्होंने रिहाइशी इलाके की ओर भागे एक नाइजीरियाई का पीछा किया और उसे पकड़ लिया.

जिस अपार्टमेंट के पास भीड़ ने भागते हुए नाइजीरियाई को पकड़ा था उसमें रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि लोगों की भीड़ ने नाइजीरियाई को बांध दिया और उसे घूसे और डंडे मारे.

नाम न बताने की शर्त पर एक महिला ने बीबीसी हिंदी को बताया कि जब उन्होंने लोगों से उसे पीटना बंद करके पुलिस के हवाले करने को कहा तो एक स्थानीय निवासी ने कहा, "इनके साथ ऐसा ही होना चाहिए, ये अपने नशे के व्यापार से हमारे युवाओं को बर्बाद कर रहे हैं."

Image caption गोवा टूरिस्ट पुलिस. स्थानीय निवासियों में पुलिस की भूमिका को लेकर भी नाराज़गी है

एक और नाइजीरियाई को स्थानीय लोगों की भीड़ ने पीटा और बाद में दो और को गोवा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया.

स्थानीय लोगों ने पुलिस की निष्क्रियता का विरोध करते हुए ओ'कोक्वेइरो सर्किल के पास कुछ देर के लिए सड़क जाम कर दी थी.

शाम को पोर्वोरिम विधायक रोहन खोंटे भी स्थानीय लोगों के साथ शामिल हो गए और ऐसी घटनाओं को कतई बर्दाश्त न किए जाने की मांग की.

छवि

गोवा पर्यटन विभाग गोवा की छवि ऐसे तट की नहीं बनने देना चाहता जहां नशीले पदार्थ, शराब और औरतें खुलेआम उपलब्ध हैं लेकिन बागा, केनडोलिम और केलेंगुटे में मशहूर नाइटक्लब्स के बाहर पार्टी की पसंदीदा जगहें अब भी नशीले पदार्थ बेचने वालों से भरी रहती हैं.

इनमें ज़्यादातर अफ़्रीकी मूल के होते हैं जो खुलेआम पर्यटकों को नशे और औरतों का लालच देते हैं.

यह साफ़ है कि अब तक पुलिस इस खुलेआम चल रहे अवैध धंधे की ओर आंखें मूंदे पड़ी है.

नाइट क्लबों के इलाक़े में पुलिस की लगातार मौजूदगी और गाड़ियों की गश्त के बावजूद नशे के सौदागर खुलेआम अपना काम करते रहते हैं.

कुछ स्थानीय लोग पूरी शिद्दत से मानते हैं कि अवैध विदेशी अप्रवासियों और क़ानून के रखवालों के गठजोड़ को खत्म करना होना चाहिए.

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