गोवा: नाइजीरियाई नागरिक की हत्या के बाद हंगामा, कई गिरफ्तार

  • 2 नवंबर 2013
मनोहर पर्रकिर
Image caption मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का कहना है कि वे एक महीने में अवैध विदेशियों को वापस भिजवा देंगे.

गोवा के बार्देज़ के पार्रा इलाक़े में संदिग्ध ड्रग कारोबार को लेकर एक नाइजीरियाई नागरिक की हत्या के बाद प्रदर्शन कर रहे 53 विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया जिनमें से 26 को गिरफ़्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने बीबीसी को बताया कि हिरासत में लिए गए अधिकतर नाइजीरियाई नागरिकों को जेल भेज दिया जाएगा.

गुरुवार को गोवा में संदिग्ध ड्रग कारोबार को लेकर हुए झगड़े में एक नाइजीरियाई नागरिक की हत्या कर दी गई थी जिसके बाद गुस्साए नाइजीरियाई नागरिकों ने हिंसक प्रदर्शन किया था. पुलिस ने 53 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया था.

कड़ा रुख

Image caption ड्रग कारोबार अपने ख़ूबसूरत तटों के लिए मशहूर गोवा के लिए चुनौती बन गया है.

गोवा सरकार ने एक महीने के भीतर गोवा में अवैध रूप से रह रहे नागरिकों को वापस भेजने का आदेश दिया है.

मनोहर पर्रिकर ने बीबीसी से बातचीत में कहा, 'जो लोग वैध तरीके से रह रहे हैं उनसे कोई दिक्कत नहीं है लेकिन जिनके पास दस्तावेज नहीं है उन्हें गोवा छोड़ देना चाहिए. अवैध तरीके से रहने वाले लोग ही ऐसे धंधों में लिप्त हैं.'

पर्रिकर ने कहा, 'करीब चार सौ से छह सौ अवैध नागरिक फिलहाल अभी गोवा में हैं. सत्यापन एक बड़ी समस्या हैं क्योंकि अवैध रूप से रहने वाले अधिकतर लोग होटलों में रहने के बजाए घरों में किराये पर रहते हैं. हमने बिना सत्यापन के विदेशियों को किराए पर रखने के ख़िलाफ़ चेतावनी दी है.'

ड्रग कारोबारियों के नेटवर्क को तोड़ने की चुनौती के सवाल पर पर्रिकर कहते हैं, 'गृह मंत्रालय मेरे ही पास हैं और जिन अधिकारियों के काम पर सवाल थे उनके ख़िलाफ़ या तो कार्रवाई की गई है या उन्हें असंवेदनशील स्थानों पर रखा गया है. पहले ही दिन से मैंने ड्रग कारोबारियों और महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध करने वालों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.'

गोवा की छवि ख़राब होने के प्रश्न पर पर्रिकर ने कहा, 'यह सिर्फ़ एक स्थानीय घटना हैं, प्रदर्शन हिंसक हो गया था जिस कारण इसे तूल दिया जा रहा है. जो कुछ हुआ बहुत जल्द हुआ. कुछ प्रदर्शनकारी सही मानसिक संतुलन में नहीं थे. हो सकता है उनमें से कुछ नशे के प्रभाव में भी हो सकते हैं.'

पर्रिकर कहते हैं, 'पिछले तीन महीनों में हमने बड़ी मात्रा में आने वाली ड्रग्स को पकड़ा है. ख़ुफ़िया जानकारियाँ इकट्ठा करने में देर लगती हैं.'

ड्रग कारोबार

गोवा पुलिस भी हत्या के पीछे ड्रग कारोबार को ही वजह मान रही है. गोवा पुलिस के महानिरीक्षक केके व्यास ने बीबीसी को बताया, "नाइजीरियाई नागरिक की मौत के बाद कुछ नाइजीरियाई इकट्ठा हो गए. पहले तो उन्होंने लाश को नहीं हटाने दिया. बाद में जब लाश को पोस्ट मॉर्टम के लिए ले जाया जा रहा था तब नाइजीरियाई नागरिकों ने गाड़ी को रास्ते में रोककर लाश उतार ली और सड़क पर प्रदर्शन करने लगे. प्रदर्शन हिंसक होने पर विदेशी नागरिकों को हिरासत में ले लिया गया."

Image caption फ़िल्म 'गो गोवा गोन' की थीम भी गोवा का ड्रग कारोबार ही थी.

गोवा पुलिस ने 53 विदेशी नागरिकों को गिरफ़्तार किया था जिनमें से अधिकतर नाइजीरिया के थे जबकि एक घाना का था. व्यास के ने कहा, 'पुलिस फिलहाल ड्रग वॉर के एंगल को लेकर ही जाँच कर रही है. मुख्यमंत्री ने हमें ड्रग के ख़िलाफ़ युद्धस्तर पर काम करने के आदेश दिए हैं.'

स्थानीय पत्रकार संदेश प्रभुदेसाई ने बताया पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों में से 26 को गिरफ़्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

चुनौती

प्रभुदेसाई के मुताबिक ड्रग कारोबार गोवा के लिए बड़ी समस्या है. नाइजीरियाई टूरिस्ट वीज़ा और अध्ययन वीज़ा पर गोवा आते हैं. इनमें से अधिकतर ऐसे नागरिक होते हैं जो छात्र वीज़ा पर भारत आते हैं लेकिन अवैध ड्रग्स कारोबार में लिप्त होकर गोवा में रहने लगते हैं. गोवा में होने वाले अधिकतर ड्रग कारोबार में नाइजीरियाई और कीनियाई नागरिक शामिल हैं.

मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने एक महीने के अंदर गोवा में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों को वापस भेजने का आदेश दिया है. मुख्यमंत्री ने यह भी स्विकार किया है कि पुलिस और ड्रग कारोबारियों का गठजोड़ गोवा के लिए एक बड़ी समस्या हैं और इसी गठजोड़ की वजह से विदेशी अवैध रूप से गोवा में रह पाते हैं.

गोवा सरकार के लिए इस गठजोड़ को तोड़ना बहुत मुश्किल है क्योंकि ड्रग कारोबारियों, पुलिस और स्थानियों लोगों का नेटवर्क तटीय ग्रामीण इलाक़ों में भी सक्रिय है.

वहीं नाइजीरियाई नागरिकों का आरोप है कि एक स्थानीय गैंग ने नाइजीरियाई नागरिक की हत्या की है.

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