छत्तीसगढ़: पहले चरण में 15 उम्मीदवार 'दाग़ी'

  • 10 नवंबर 2013
रमन सिंह
Image caption रमन सिंह राजनांदगांव से चुनाव लड़ रहे हैं

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 15 ऐसे उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके ख़िलाफ़ आपराधिक मामले हैं. इनमें से छह गंभीर अपराधों से जुड़े हैं.

राज्य विधानसभा की 18 सीटों पर 11 नवंबर को पहले चरण के चुनाव में वोट डाले जाएंगे, जिसमें कुल 143 उम्मीदवार किस्मत आज़मा रहे हैं.

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफ़ॉर्म (एडीआर) और छत्तीसगढ़ इलेक्शन वॉच ने इन उम्मीदवारों की तरफ़ से दिए गए शपथपत्रों का विश्लेषण किया.

इसमें पता चला कि पहले दौर में 15 यानी दस प्रतिशत 'दाग़ी' उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं.

छह उम्मीदवारों ने अपने ख़िलाफ़ हत्या, अपहरण, आपराधिक धमकी और महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध से जुड़े गंभीर मामले होने की बात कही है.

जिन उम्मीदवारों ने अपने ख़िलाफ़ आपराधिक मामले घोषित किए हैं, उनमें कांग्रेस के दो, भाजपा के तीन, बसपा के दो और समाजवादी पार्टी के एक उम्मीदवार का नाम शामिल है.

25 करोड़पति

Image caption विधानसभा चुनाव के पहले चरण में किस्मत आज़मा रहे 15 उम्मीदवार आपराधिक मामलों से जुड़े हैं.

इस चरण में जिन उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला होना है, उनमें 25 करोड़पति हैं. सभी उम्मीदवारों की औसत आय की बात करें, तो वो 57.84 लाख रुपए है.

इसमें 12.63 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ कोंडागांव सीट से कांग्रेस के मोहनलाल मकरान सबसे अमीर उम्मीदवार हैं.

इसी फ़ेहरिस्त में दूसरा नाम मुख्यमंत्री और राजनांदगांव से भाजपा के उम्मीदवार रमन सिंह का है, जिन्होंने शपथपत्र में 5.61 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है.

वहीं खुज्जी सीट से निर्दलीय उम्मीदवार भीष्मलाल उर्वषा सबसे 'ग़रीब' उम्मीदवार हैं, जिनके पास शपथपत्र में चार हज़ार रुपए बताए गए हैं.

जिन 143 उम्मीवारों के शपथपत्रों का विश्लेषण किया गया है, उनमें स्नातक या उससे अधिक शिक्षा प्राप्त उम्मीदवार 54 यानी 38 प्रतिशत ही हैं.

बात अगर महिला उम्मीदवारों की करें, तो इस चरण में 11 महिलाएं चुनावी मैदान हैं. इनमें कांग्रेस की ओर से तीन और भाजपा की ओर से दो महिलाओं को टिकट दिए गए हैं.

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