दो सांसद क़त्ल के इलज़ाम में गिरफ्तार

  • 5 नवंबर 2013
Image caption बसपा सांसद धनंजय सिंह के दिल्ली स्थित घर से नौकरानी का शव मिला है

उत्तर प्रदेश के जौनपुर से बहुजन समाज पार्टी के सांसद धनंजय सिंह को नौकरानी की कथित हत्या के मामले में सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.

उधर गुजरात से भारतीय जनता पार्टी के सांसद दीनू सोलंकी को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने हत्या एक मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था. उन्हें बाद में गिरफ़्तार कर लिया गया है.

बीएसपी के सांसद धनंजय सिंह की गिरफ़्तारी से पहले उनकी पत्नी जागृति सिंह को भी गिरफ़्तार किया जा चुका है.

सांसद के घर में काम करने वाले दूसरे नौकर ने दिल्ली पुलिस से कहा कि जागृति सिंह काफी समय से नौकरानी का उत्पीड़न कर रही थीं और उसके साथ मारपीट करती थीं.

धनंजय सिंह ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था.

उनका कहना है कि नौकरानी की मौत छत से गिरने की वजह से हुई है.

धनंजय सिंह परिवार के साथ चाणक्यपुरी इलाके में बने सरकारी आवास में रहते हैं.

क्या है मामला?

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ बसपा के सांसद धनंजय सिंह और उनकी पत्नी जागृति सिंह के ऊपर दिल्ली पुलिस ने साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज किया है.

यह मामला 35 साल की नौकरानी से संबंधित है, जिसकी सांसद की पत्नी जागृति सिंह द्वारा कथित पिटाई के बाद मौत हो गई थी.

उनके ऊपर घर में काम करने वाली एक अन्य नौकरानी की छड़ी और रॉड से 'निर्मम' पिटाई करने के भी आरोप हैं.

जागृति सिंह से मंगलवार को लंबी पूछताछ हुई. उनके ख़िलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज़ किया गया है.

गुजरात में गिरफ़्तारी

Image caption आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा की साल 2010 में हत्या कर दी गई थी

एक दूसरे मामले में गुजरात से बीजेपी सांसद दीनू सोलंकी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है.

अहमदाबाद में मौजूद स्थानीय पत्रकार अंकुर जैन ने बताया कि दीनू सोलंकी की गिरफ्तारी सूचना के अधिकार या आरटीआई के लिए काम करने वाले अमित जेठवा की हत्या से जुड़ा है.

दीनू सोलंकी जूनागढ़ ज़िले के कोडीमार से लोकसभा सांसद हैं.

आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा की हत्या के मामले में पहले सीबीआई ने बीजेपी सांसद दीनू सोलंकी से पहले पूछताछ की और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

अमित जेठवा की अर्ज़ियों के ज़रिए ही गुजरात में खनन माफ़िया का पर्दाफ़ाश हुआ था.

जुलाई 2010 में अमित जेठवा की गुजरात हाई कोर्ट के सामने हत्या कर दी गई थी.

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को केस की जांच सौंपी गई जिसमें शक़ की सुई दीनू सोलंकी के एक रिश्तेदार पर गई और सोलंकी को छोड़ दिया गया.

बाद में अमित जेठवा के पिता ने हाई कोर्ट में अपील की कि मामले की जांच सीबीआई के दे दी जाए.

अदालत के आदेश के बाद सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुकऔर ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार