'सऊदी अरब में भारतीय कामगारों की मदद कर रही है सरकार'

  • 6 नवंबर 2013

सऊदी अरब में बाहर के देशों से आकर काम कर रहे लोगों को ज़रूरी दस्तावेजों जमा करने के लिए दी गई सात महीने की रियायत चार नवम्बर को ख़त्म हो गई.

सऊदी अरब के अधिकारियों ने अवैध दस्तावेजों और वीज़ा के साथ काम कर रहे लोगों की धर-पकड़ शुरु कर दी है.

यह अभियान पूरे साल चलेगा और इसके लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है.

सऊदी अरब में नए ‘निताक़त’ कानून के तहत अवैध तरीके से वहां रह रहे प्रवासियों नागरिकों को वापस अपने देश जाना होगा.

इसी मुद्दे पर प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री व्यालार रवि ने बीबीसी संवाददाता विनीत खरे से बातचीत की.

भारतीय सरकार किस स्तर पर इन लोगों की मदद के लिए क्या कदम उठा रही है?

व्यालार रवि: स्थिति बहुत ज्यादा ख़राब नहीं है. वही भारतीय वापस आ रहे हैं जो वहां नहीं रह सकते थे और मंत्रालय उन्हें सहायता दे रहा है.

हमारे राजदूत भी सऊदी अरब के मंत्रियों से मिले हैं. वे घरों पर छापा नहीं मार रहे हैं जिन लोगों को इमरजेंसी सर्टिफिकेट मिल गए हैं वे सऊदी अरब छोड़ सकते हैं.जिन्हें वापस आने के लिए इमरजेंसी सर्टिफिकेट की जरूरत है. मंत्रालय उनकी हर संभव मदद कर रहा है.

अभी तक उत्पीड़न का और किसी मामले की ख़बर आयी है?

व्यालार रवि: अब तक भारतीय नागरिकों को परेशान करने किए जाने का कोई मामला सामने नहीं आया है. सऊदी सरकार ने कामगारों को परेशान न करने की हिदायत दे रखी है. सऊदी अधिकारी उचित तरीके से काम कर रहे हैं. 1,34000 भारतीय कामगार अब तक सऊदी अरब छोड़ चुके हैं.'

Image caption अप्रवासी कामगारों की वापसी का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा.

कितने भारतीय फ़िलहाल सऊदी अरब में रह रहे हैं?

व्यालार रवि: अभी इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है लेकिन एक अनुमान के मुताबिक 28 लाख भारतीय वहाँ रह रहे हैं.

खाड़ी देशों में भारतीयों के साथ होने वाली मुश्किलों को लेकर एक केंद्रीय मंत्री के तौर पर आप कितने चिंतित हैं?

व्यालार रवि: सऊदी अरब में नियम बहुत कड़े हैं. और किसी भी तरह की दिक्कत होने पर हम लोगों से दूतावास से सम्पर्क करने को कहते हैं. हम हमेशा लोगों से उचित दस्तावेजों के साथ जाने की अपील करते हैं और सलाह देते हैं कि उस देश के श्रम मंत्रालय से सम्पर्क करें.

जो लोग अभी भी सऊदी अरब में है, क्या उन्होंने किसी तरह की समस्या को लेकर कोई मुद्दा उठाया है?

व्यालार रवि: जो लोग वहाँ हैं वे कोई मुद्दा नहीं उठा रहे हैं. भारतीय दूतावास उनसे लगातार सम्पर्क में हैं. किसी दूसरे देश में जाकर काम करने के लिए उचित दस्तावेज़ और वीज़ा का होना बहुत जरूरी है. अगर वीज़ा वैध नहीं है तो आपको उस देश के नियम और कानून के मुताबिक कार्रवाई होती है और देश भी छोड़ना पड़ता है.

खाड़ी देशों में भारतीयों की संख्या लगातार घटती जी रही है, इससे धन प्रेषण पर विपरीत असर पड़ेगा?

व्यालार रवि: खाड़ी देशों में भारतीयों की घटती संख्या से धन प्रेषण पर विपरीत असर पड़ेगा. हमारा प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब गया है और स्थिति पर नजर रखे हुए है.

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