उत्तर प्रदेश: 16 लाख सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर

उत्तर प्रदेश में राज्य सरकारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के मक़सद से मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी.

राज्य कर्मचारी संगठन के महासचिव अजय सिंह ने बताया कि जब तक राज्य सरकार छठवें वेतन आयोग की विसंगतियां दूर नहीं करती, पुरानी पेंशन प्रणाली बहाल नहीं करती और समय सीमा के अंदर प्रोन्नति करने की मांग को पूरा नहीं करती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.

ग़ौरतलब है कि राज्य कर्मचारी संगठन की अनिश्चितकालीन हड़ताल में राज्य सरकार के 72 विभागों के 16 लाख कर्मचारी शामिल हो रहे हैं.

विद्युत विभाग कर्मचारी संघठन ने भी इस हड़ताल को अपना समर्थन दिया है.

कामकाज प्रभावित

हड़ताल की वजह से अधिकतर सरकारी विभागों में सामान्य कामकाज सुचारू ढंग से नहीं हो पा रहा है.

Image caption हड़ताल के चलते आम लोगों को काफी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है.

मुरादाबाद से आए राम सिंह ने बताया कि वो दो दिन से लखनऊ में हैं. उन्हें इंदिरा भवन स्थित ग्रामीण विकास विभाग में कुछ काम था, लेकिन जब वो आज अपने काम के सिलसिले में आए, तो ग्रामीण विकास विभाग के दफ़्तर में कर्मचारी पूरी तरह नदारद थे.

उन्हें बताया गया कि आज से उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं.

राम सिंह ने बताया कि वो दो दिन से होटल में रुके हैं और इस कारण उनका काफी पैसा और समय बर्बाद हो गया और काम भी नहीं हुआ.

आम लोग परेशान

इसी तरह सीतापुर से आए सूरज कुमार का कहना था कि वो आज राज्य सूचना आयोग में अपनी सुनवाई के लिए आए थे, लेकिन वहां मौके पर उन्हें कोई भी कर्मचारी नहीं मिला.

उनका कहना था कि उन्हें एक साल बाद आज सुनवाई के लिए समय मिला था लेकिन अब सुनवाई के लिए अगली तारीख कब मिलेगी, इस बारे में उन्हें बताने वाला भी वहां कोई नहीं था.

इस हड़ताल के चलते आने वाले दिनों में सरकारी विभागों में कामकाज प्रभावित होने की पूरी आशंका है.

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