सरकारी बाबू देर से आए तो कटेगी तनख्वाह!

जयचंद्रा
Image caption मंत्री जयचंद्रा को उम्मीद है कि उनकी इस पहल से सरकारी कामकाज में सुधार आएगा.

कर्नाटक में प्रशासन के कामकाज और कर्मचारियों में सुधार लाने के मक़सद से राज्य सरकार ने पहली बार उन सरकारी कर्मचारियों की एक दिन की तनख्वाह काटने का फ़ैसला लिया है जो देर से आते हैं.

दरअसल राज्य में प्रशासनिक स्तर सुधार लाने के लिए क़ानून और संसदीय मंत्री टीबी जयचंद्रा की अध्यक्षता में प्रशासनिक कमेटी का गठन किया गया है. इस कमेटी में 16 विधायक शामिल है.

इस कमेटी ने फ़ैसला लिया है की जो कर्मचारी या अधिकारी दफ्तर देर से आते हैं उनकी तनख्वाह काट ली जाएगी और अगर देर आने का सिलसिला तब भी नहीं रुकता तो उनके ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई का प्रावधान भी रखा गया है.

मंत्री का कहना था कि वे पारदर्शी और भ्रष्टाचार निरोधी सरकार चाहते है और सारी जानकारियां उंगलियां पर चाहते थे. इसीलिए एक सैंपल केस लेते हुए हम ये देखना चाहते थे कि सरकारी कर्मचारी किस तरह से काम कर रहे हैं.

सज़ा

इस कमेटी के अध्यक्ष और मंत्री टीबी जयचंद्रा का कहना था, ''बॉयोमेट्रीक लगने के बावजूद हम ये जानना चाहते थे कि सचिवालय में कर्मचारी समय से और रोज़ आ रहे हैं या नहीं. एक हफ्ते के भीतर हमने पाया कि हज़ारों की संख्या में न केवल कर्मचारी देर से आ रहे थे बल्कि काम भी नहीं कर रहे थे. हमने उन्हें चेतावनी दी कि वे समय से आए और सज़ा के तौर पर उनकी एक दिन की तनख्वाह काटने को कहा ताकि उनके काम में सुधार लाया जा सके.''

Image caption अब संबंधित विभागों के सचिव भी दफ्तरों का औचक निरीक्षण करेंगे.

मंत्री ने बताया कि सरकारी महकमे में अचानक निरीक्षण का काम मुख्य सचिव ने किया था और अब ये फैसला लिया गया है कि विभागों के सचिव भी दफ्तरों का निरीक्षण करेंगे.

कैबिनेट अब हर महीने समीक्षा करेगी कि एक काम को पूरा होने में कितना समय लगता है और देरी के कारण भी जानेगा साथ ही जिस काम के लिए बजट दिया जाता है और उसकी बजट राशि क्यों बची उसकी जवाबदेही तय की जाएगी.

टीबी जयचंद्रा ने जानकारी दी कि सरकार उन अधिकारियों पर भी जुर्माना लगाएगी जो समय से काम नहीं करते हैं. उनका कहना था कि सरकार का एक ख़ास योजना के तहत सेवाएं देने का प्रावधान है. अगर कोई व्यक्ति सेवा मांगता है और उन्हें वो मदद समय पर नहीं दी जाती तो संबंधित अधिकारी के ख़िलाफ़ जुर्माने के प्रावधान रखा गया है.

वे बताते हैं कि इन सेवाओं की सूची ऑनलाइन दी गई है जहां व्यक्ति सीधे जाकर शिकायत कर सकता है जिसके जवाब के लिए उसे दफ्तरों के चक्कर भी काटने की ज़रुरत नहीं है बल्कि घर पर ही उसे सेवाएं देने का प्रावधान किा गया है.

उनके अनुसार अगर संबंधित अधिकारी वो देने में विफल होता है तो उस काम में जितनी भी देरी होती है उसके मुताबिक़ जुर्माना अधिकारी पर लगाया जाएगा और वो राशि सीधा शिकायकर्ता के पास जाएगी.

सरकार ने साल 2011 में नागरिकों को सेवाओं की गारंटी देने वाला क़ानून बनाया था.

मंत्री जयचंद्रा को उम्मीद है कि इस क़दम से सरकारी काम की गुणवत्ता तो बढ़ेगी ही सरकारी कर्मचारी भी समय से काम करना सीखेंगे.

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