छत्तीसगढ़: दूसरे चरण की 72 सीटों के लिए प्रचार थमा

छत्तीसगढ़ चुनाव

छत्तीसगढ़ विधान सभा के लिए हो रहे चुनाव के दूसरे चरण का प्रचार अभियान ख़त्म हो गया है. रविवार शाम तक लगभग सभी दलों और प्रत्याशियों नें मतदाताओं को रिझाने के लिए आखरी क्षणों तक आपनी पूरी ताक़त झोंक दी.

दिनभर जनसभाओं और पद यात्राओं का दौर चलता रहा. शाम होते ही चुनावी शोर पूरी तरह थम गया.

इस चरण में 16 जिलों की कुल 72 सीटें हैं जिनपर कई रोचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं. पहले चरण में सिर्फ 18 सीटें ही थीं इसलिए दूसरे चरण में लगभग पूरा राज्य ही शामिल है.

कुल मिलाकर 842 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमे छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़े कई बड़े नाम भी शामिल हैं.

Image caption पहले चरण के चुनाव नक्सल प्रभावित इलाक़ों में हुए थे.

विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामसेवक पैंकरा और विपक्ष के नेता रवीन्द्र चौबे मैदान में हैं.

मौजूदा राज्य सरकार के कई मंत्री भी एक बार फिर अपना भाग्य आजमा रहे हैं. कुछ के ख़िलाफ़ 'एंटी-इनकम्बेंसी' भी चल रही है तो कुछ जीत के प्रति आशान्वित हैं. कई सीटों पर कांटे की टक्कर भी है.

रमन सिंह की सरकार में जिन मंत्रियों की किस्मत दांव पर लगी है उनमें बृजमोहन अग्रवाल, अमर अग्रवाल, राजेश मूणत, रामविचार नेताम और गृह मंत्री ननकीराम कँवर के नाम प्रमुख हैं.

छत्तीसगढ़ के उत्तरी इलाक़े यानी सरगुजा संभाग से भारतीय जनता पार्टी को काफ़ी उम्मीदें बंधीं हैं. मगर इस बार इस इलाक़े में कांग्रेस को भी अच्छे मतों की आस है.

सबसे अमीर

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी इस बार चुनाव तो नहीं लड़ रहे हैं. मगर उन्होंने चुनावी समर में पहली बार अपने बेटे अमित जोगी को उतारा है. उनकी पत्नी रेणु जोगी भी अपनी सीट पर दोबारा लड़ रही हैं.

Image caption पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी भी इस बार मैदान में हैं.

दूसरे चरण में कुछ दिलचस्प प्रत्याशी भी मैदान में हैं, जैसे अंबिकापुर से कांग्रेस के विधायक त्रिभुनेश्वर सिंह देव जो सबसे अमीर प्रत्याशी हैं. उनकी संपत्ति का आकलन 561 करोड़ रुपए के आस-पास का किया गया है. त्रिभुनेश्वर सिंह देव सरगुजा के राज परिवार से ताल्लुक़ रखते हैं.

इनके अलावा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राजा सुरेन्द्र बहादुर सिंह ने घोषणा की है कि वो 46 करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक हैं. वो सक्ती सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.

चंदे से उम्मीदवारी

वहीं इस चरण में रायगढ़ के तमनार की जनता ने चंदा इकट्ठा कर अपना खुद का उम्मीदवार भी खड़ा किया है.

देर शाम जिला मुख्यालयों में मतदान कर्मियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया जो सोमवार को अपने-अपने मतदान केन्द्रों पर नियुक्त किए जाएंगे. दूसरे चरण में 18 हज़ार से ज्यादा मतदान केंद्र होंगे.

इस चरण में सबसे ज़्यादा 38 उम्मीदवार रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर हैं इसलिए इस विधानसभा के हर मतदान केंद्र पर तीन ईवीएम मशीनें लगाई जाएंगी.

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