'नेता बेवकूफ़ हैं....मज़ाक में कहा था'

  • 18 नवंबर 2013
Image caption सीएनआर राव को हाल ही में भारत रत्न के लिए चुना गया है.

वैज्ञानिक डॉक्टर सीएनआर राव का कहना है कि नेताओं से उन्हें कोई शिकायत नहीं और उन्होंने नेताओं को मज़ाक में बेवकूफ़ कहा था.

डॉक्टर सीएनआर राव को हाल ही में भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' के लिए चुना गया है.

सीएनआर राव फ़िलहाल बंगलौर के जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च में काम कर रहे हैं और प्रधानमंत्री की वैज्ञानिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन भी हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ रविवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में डॉक्टर राव ने कहा था कि नेता बेवकूफ़ होते हैं.

उन्होंने कहा था, "सरकार ने विज्ञान के क्षेत्र में जितना पैसा दिया है, हमने उससे कहीं ज़्यादा काम किया है. पता नहीं क्यों इन बेवकूफ़ों, नेताओं ने हमारे लिए इतना कम पैसा दिया है. इसके बावजूद हम वैज्ञानिकों ने कुछ काम किया है."

'नाराज़ नहीं'

Image caption डॉक्टर राव भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को बड़ी उपलब्धि मानते हैं.

बीबीसी से सोमवार को बातचीत में डॉक्टर राव ने कहा, "मेरे कई अच्छे दोस्त नेता हैं. मैंने किसी के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कहा था. मैं किसी से नाराज़ नहीं हूं."

भारत के नेताओं को डॉक्टर राव सलाह ज़रूर देते हैं.

वो कहते हैं, "इसमें व्यक्तिगत कुछ भी नहीं है, उन्हें विज्ञान के बारे में बहुत सोचना चाहिए. हमारे देश का भविष्य विद्या और विज्ञान क्षेत्र से आगे होगा. दोनों क्षेत्रों में बहुत काम करना है. यही एक चिंता का विषय है जिसके बारे में ज़्यादा विचार नहीं किया गया है."

राव ने बीबीसी से कहा, "भारत रत्न मिलने को लेकर मैंने कभी नहीं सोचा, भगवान के अनुग्रह पर मिला है. दुनिया के समर्थन से मिला है."

सीएनआर राव ने कहा, "मैं बहुत आभारी हूं. मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी. हम लोग काम करते रहते हैं, मुझे खुशी है कि मेरे काम को देश ने पहचान दी, इसके लिए मैंने आभारी हूं."

हालांकि राव का कहना है कि सरकार को विज्ञान पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए.

नेताओं को सलाह

उन्होंने कहा, "सरकार पैसा देती है, लेकिन विज्ञान के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ रही है. दक्षिण कोरिया जैसे नए-नए देश विज्ञान के क्षेत्र में निवेश कर रहे हैं. हमें भी इस ओर ध्यान देना चाहिए. हमारा देश भी दुनिया के शीर्ष पांच देशों में शामिल होना चाहिए हैं. इसी को लेकर बहुत दुख होता है."

भारत जैसे देश में विज्ञान के क्षेत्र में कम निवेश के बारे में डॉक्टर राव का कहना है, "हमारा देश गरीब देश था. आईटी क्षेत्र में, बैंकिंग में पैसे की वजह से लोग जाने लगे, लेकिन पिछले एक दो साल में विज्ञान के क्षेत्र में युवा वापस आ रहे हैं. स्थिति बेहतर हो रही है."

उनका कहना है कि अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं.

वो कहते हैं, "भारत बहुत एडवांस देश है. हमारे देश में परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में बहुत काम किया गया है. हमारे देश के रॉकेट अंतरिक्ष में जा रहे है. हमारे देश में परमाणु रिएक्टर बन रहे हैं. ये सब बहुत बड़ी उपलब्धियां हैं."

डॉक्टर राव मानते हैं कि भारत को चीन, जापान और दक्षिण कोरिया से प्रतिस्पर्धा को देखते हुए विज्ञान में बहुत निवेश करना होगा.

वे कहते हैं, "एशिया में दक्षिण कोरिया और चीन से काफी प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है. दक्षिण कोरिया, जापान से आगे चला गया है, चीन आगे चला गया है, इसे देखते हुए बहुत काम करना है, बहुत निवेश करना होगा."

डॉक्टर राव को उम्मीद है कि 2014 में जो भी सरकार बनेगी वो विज्ञान के क्षेत्र को ज़्यादा समर्थन देगी.

(बीबीसी संवाददाता रूपा झा के साथ बातचीत पर आधारित)

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