नेताओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं करेगी आम आदमी पार्टी

  • 22 नवंबर 2013
आम आदमी पार्टी

आम आदमी पार्टी ने स्टिंग ऑपरेशन में लगाए गए तमाम आरोपों को दरकिनार कर मामला चुनाव आयोग के समक्ष भेज दिया है. पार्टी स्वयं अपने उम्मीदवारों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं करेगी.

पार्टी ने स्टिंग ऑपरेशन के प्रसारण के बाद प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया और न्यूज़ ब्रॉडकॉस्टर एसोसिएशन में शिकायत करने का फ़ैसला लिया है.

पार्टी नेता योगेंद्र यादव ने कहा, "हम चुनाव आयोग से अनुरोध करेंगे कि वे सीडी में लगाए गए आरोपों की जल्द से जल्द जाँच करे और अगर आयोग हमारे किसी भी उम्मीदवार के ख़िलाफ़ कोई दोषा पाता है, या सीडी में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो हम उनकी उम्मीदवारी वापस ले लेंगे."

योगेंद्र यादव ने स्टिंग के प्रायोजित होने का आरोप लगाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता ने बड़ी पार्टियों में खलबली मचा दी है यौर यह स्टिंग ऑपरेशन भी उसी का नतीज़ा है. उन्होंने संकेत दिया कि अगले कुछ दिनों में ऐसे ही और भी स्टिंग आ सकते हैं.

अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने तमाम आरोपों को सिरे से खारिज़ करते हुए कहा कि स्टिंग ऑपरेशन के प्रसारण पर मानहानि का मामला भी बनता है. प्रशांत भूषण ने कहा, "स्टिंग ऑपरेशन रिकॉर्ड करने वालों के ख़िलाफ़ मानहानि का मामला बनता है. जो मीडिया चैनल बिना स्टिंग ऑपरेशन को जाँचे दिखा रहे हैं. उनके ख़िलाफ़ मानहानि का मामला बनता है."

टीवी चैनलों पर प्रसारित किए गए स्टिंग ऑपरेशन में आम आदमी पार्टी के कुछ उम्मीदवारों को कथित रूप से पार्टी के लिए कैश में बिना रसीद के चंदा लेने की बात करते दिखाए गए हैं.

हालाँकि आम आदमी पार्टी ने स्टिंग ऑपरेशन की सत्यता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. आम आदमी पार्टी ने स्टिंग ऑपरेशन जारी करने वाली वेबसाइट पर क़ानूनी कार्रवाई की बात भी कही है.

स्टिंग

एक वेबसाइट द्वारा जारी किए गए स्टिंग वीडियो में पार्टी की उम्मीदवार शाज़िया इल्मी, कुमार विश्वास और अन्य कार्यकर्ता कथित रूप से ज़मीन के सौदे करवाने, लोगों के पैसे वापस निकलवाने और विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बदले नकद में चंदा लेने की बात कहते दिख रहे हैं.

आम आदमी पार्टी ने स्टिंग की पूरी फुटेज माँगी थी. अपने उम्मीदवारों पर कोई कार्रवाई करने से पहले आम आदमी पार्टी ने तर्क दिया था कि वे पहले स्टिंग की पूरी वीडियो फुटेज देखेंगे.

Image caption आप दिल्ली की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है.

पार्टी ने स्टिंग करने वाली वेबसाइट को शुक्रवार 11 बजे तक स्टिंग की पूरी फुटेज उपलब्ध करवाने का समय दिया था. 11 बजे तक फुटेज़ न मिलने के बाद पार्टी ने चार घंटे का और वक़्त दिया है.

इससे पहले पार्टी के नेता योगेंद्र यादव ने कहा, 'यह स्टिंग उनकी पार्टी की छवि धूमिल करने के लिए किया गया है. यदि यह स्टिंग जनहित में है तो इसकी फुटेज उपलब्ध करवाना भी जनहित में है. हम बिना पूरी फुटेज देखे कोई फ़ैसला नहीं लेंगे.'

वहीं स्टिंग ऑपरेशन में दिखी आरके पुरम विधानसभा सीट की उम्मीदवार शाज़िया इल्मी ने इस्तीफ़ा देने की पेशकश की है. हालाँकि पार्टी ने उनका इस्तीफ़ा स्वीकार नहीं किया है.

इस बीच स्टिंग ऑपरेशन करनेवाली वेबसाइट के प्रमुख अनुरंजन झा ने कहा है कि वो स्टिंग ऑपरेशन की पूरी फुटेज आम आदमी पार्टी को नहीं बल्कि किसी संविधानिक संस्था को देंगे.

उन्होंने कहा, "आम आदमी पार्टी को रिकॉर्डिंग की रॉ फुटेज देने का सवाल ही नहीं उठता, अगर मीडिया से जुड़े लोग वो फुटेज देखना चाहते हैं तो हमारे दफ्तर में आएं और पूरी फुटेज देखें. हमें कोई आपत्ति नहीं."

भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं

इससे पहले आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया था, 'हमारे कुछ प्रत्याशियों के स्टिंग ऑपरेशन किए गए हैं. हमारी टीम जिसमें संजय सिंह और योगेंद्र यादव शामिल हैं, इस मामले को देख रहे हैं. किसी ग़ुनाहग़ार को बख़्शा नहीं जाएगा. हमारी कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं होगा. हम भ्रष्टाचार के मामले में किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेंगे.'

पार्टी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, 'आम आदमी पार्टी राजनीति में व्याप्त गंदगी की सफ़ाई करने के लिए मैदान में उतरी है. पार्टी भ्रष्टाचार के विरोध में शुरू किए गए एक अभियान के बाद अस्तित्व में आई है. पार्टी सार्वजनिक जीवन में उच्चतम मानकों की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है.'

पार्टी के बयान में कहा गया, "आम आदमी पार्टी इन आरोपों को गंभीरता से ले रही है. पिछले एक हफ़्ते से हम पर कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं. इन आरोपों का समय और तरीका बता रहे हैं कि ये प्रेरित हैं. यह चौंकाने वाली बात नहीं है कि एक पार्टी जो राजनीति में नैतिक मूल्यों को फिर से स्थापित करने के लिए आई है उस पर निहित स्वार्थों से प्रेरित ताक़तवर शक्तियाँ सामूहिक हमले कर रहे हैं. इनमें बड़ी पार्टियाँ, मीडिया के कुछ भ्रष्ट लोग और कॉर्पोरेट शामिल हैं."

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