तहलका मामला: पीड़ित महिला ने जांच में मदद की बात कही

तरुण तेजपाल

'तहलका' के संपादक तरुण तेजपाल से पूछताछ के लिए गोवा पुलिस की एक विशेष टीम शनिवार को दिल्ली पहुंच गई.

तहलका के संपादक तरुण तेजपाल से पूछताछ से पहले पुलिस की एक विशेष टीम शनिवार शाम तहलका के दफ्तर पहुंची. तेजपाल से पूछताछ से पहले पुलिस मामले से जुड़े तहलका के कर्मचारियों से पूछताछ के लिए वहां पहुंची है.

ख़बरों के मुताबिक पुलिस तहलका के उन कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है जिनका नाम पीड़ित पत्रकार ने अपने शिकायती इमेल में लिखा था.

पुलिस ने तहलका पत्रिका की प्रबंध संपादक शोमा चौधरी से भी पूछताछ की है और उनसे पूछताछ की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की है.

तरुण तेजपाल पर आरोप है कि उन्होंने गोवा में पत्रिका के एक कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से एक महिला के साथ होटल की लिफ्ट में दुर्व्यवहार किया.

बीबीसी के सूत्रों के हवाले से ये खबर आ रही है कि पीड़ित महिला ने पुलिस के साथ जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही है.

उधर, गोवा पुलिस के डीआईजी ओपी मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया कि जिस लिफ़्ट के अंदर तरुण तेजपाल ने पीड़ित के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया था, उसमें सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था.

तेजपाल से पूछताछ

उन्होंने कहा कि "गेस्टहाउस के गलियारों में तो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, लेकिन लिफ्ट के अंदर कोई कैमरा नहीं था. पुलिस को जो भी फ़ुटेज मिले हैं, उनकी जांच की जा रही है."

ओपी मिश्रा ने यह भी बताया कि गोवा पुलिस की दिल्ली पहुंची विशेष टीम तरुण तेजपाल से पूछताछ कर सकती है.

इस बीच तहलका ने ट्वीट किया है कि पत्रिका की प्रबंध निदेशक शोमा चौधरी ने वो सारे दस्तावेज़ गोवा पुलिस को दे दिए हैं जिसकी मांग की गई थी और वो जांच में हर तरह से मदद करेंगी.

ट्वीट में शोमा चौधरी के हवाले से ये भी कहा गया है कि वो ई मेल के ज़रिए गोवा पुलिस के साथ लगातार संपर्क में हैं.

गोवा पुलिस की क्राइम ब्रांच के चार सदस्यीय टीम की अगुवाई पुलिस उप अधीक्षक सैमी टोवारेस कर रहे हैं और जांच दल में एक महिला सदस्य भी हैं.

पुलिस की कोशिश मामले से जुड़े तेजपाल के ईमेल और प्रबंध निदेशक से की गई लड़की की शिकायत की कॉपी हासिल करने की है.

सहयोग का वादा

इस बीच दिल्ली पुलिस गोवा पुलिस के विशेष जांच दल को पूरा सहयोग कर रही है.

गोवा पुलिस ने शुक्रवार को तरुण तेजपाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार), धारा 376 (2) (कार्यालय में अपनी स्थिति का फ़ायदा उठाकर अपने मातहत किसी महिला के साथ बलात्कार) के तहत एक एफ़आईआर दर्ज किया है.

कथित रूप से यह घटना करीब एक पखवाड़े पहले गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान घटी थी.

अगर धारा 376 के तहत तरुण तेजपाल दोषी साबित होते हैं, तो उन्हें अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है.

इस मामले में पीड़ित युवती के साथ लगातार संपर्क में रहनेवाली अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संघ की सचिव कविता कृष्णन का कहना है, ''मैं चाहूंगी कि एफ़आईआर दर्ज हो और तेजपाल जेल जाएं, लेकिन हम इस महिला (पीड़ित) का बहुत सम्मान करते हैं और वह जानती है कि हम उसके साथ खड़े है, फिर चाहे वह जो भी निर्णय करे.''

पुलिस पर दबाव नहीं

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का कहना है कि तहलका के संपादक तरुण तेजपाल पर लगे कथित यौन सोषण के मामले की जाँच कर रही पुलिस पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पर्रिकर ने कहा, "मैं केस पर नज़र नहीं रख रहा हूँ, पुलिस द्वारा एफ़आईआर दर्ज़ किए जाने के बाद ही मुझे केस के बारे में जानकारी दी गई थी."

मनोहर पर्रिकर ने यह भी कहा कि उन्होंने पुलिस से कहा है कि किसी भी दबाव में न आए, भले ही आरोपी व्यक्ति कितना भी महत्पूर्ण क्यों न हो. उन्होंने कहा कि जाँच अधिकारी ही केस की दिशा तय करेंगे.

पर्रिकर ने कहा, "मुख्यमंत्री की नहीं बल्कि जाँच अधिकारी की राय मायने रखती है." पर्रिकर ने यह भी कहा कि वे इस मामले में गोवा पुलिस से कोई अपडेट नहीं ले रहे हैं.

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