बिहार में अज्ञात बीमारी से हुई मौतें

  • 26 नवंबर 2013

बिहार के पूर्वी चंपारण ज़िले के सुगौली नगर पंचायत के बहुरुपया और फुलवरिया गांव में अज्ञात बीमारी की चपेट में आकर 12 लोगों की मौत हो गई है.

तीन दिनों के अंदर एक-के-बाद एक ये मौतें हुई हैं. मौतों का सिलसिला शनिवार शाम से शुरू हुआ था. मृतकों में चार महिलाएं और आठ पुरुष शामिल हैं. इनमें से रीता देवी, रंभा देवी और बाल कन्हाई एक ही परिवार के सदस्य थे.

सभी मृतक गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वाले यानी की बीपीएल परिवारों से थे. मृतकों में एक महिला 80 साल की थीं जबकि शेष 35 से 60 साल के बीच के बताए जा रहे हैं.

प्रशासनिक पुष्टि

ज़िला प्रशासन की ओर से अज्ञात बीमारी से 10 लोगों के ही मरने की ही पुष्टि की गई है. शनिवार को हुई दो मौतों को जिला प्रशासन अज्ञात बीमारी से हुई मौतों में शामिल नहीं कर रहा है. घटना की पुष्टि करते हुए पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी श्रीधर चिरुवेलु ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा.

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रभावित इलाकों में 11 सदस्यीय मेडिकल टीम प्रत्येक घर के सदस्यों की जांच कर रही है और जिला प्रशासन द्वारा सरकारी प्रावधानों के अनुसार सात परिवारों को मुआवजा भी दिया जाएगा. साथ ही प्रभावित इलाकों से प्राप्त सूचना के अनुसार नेशनल मेडिकल मोबाइल वैन के द्वारा भी क्षेत्र में दवा का वितरण भी किया गया है. घटना की जानकारी देते हुए स्थानीय पत्रकार राकेश कुमार ने बताया, "मौत का सिलसिला शनिवार को शुरू हुआ. मृतकों को अचानक लगातार उल्टियां होने लगी और इसके बाद उन्होंने गले में दर्द, बेचैनी और बहुत ज्यादा पसीना चलने की शिकायत की. और ऐसा होने के कुछ ही घंटों बाद उनकी मौत हो गई. सबसे पहले रीता देवी की मौत हुई."

जांच

Image caption अज्ञात बीमारी से 10 मौतें हुई हैं लेकिन आधिकारिक आंकड़ा 10 की पुष्टि करता है

मौत के कारणों की जांच संभाल रहे वरिष्ठ वैज्ञानिक नीरज कुमार वात्सायन के नेतृत्व में पांच सदस्यीय स्टेट फारेंसिक लेबॉरेटरी यानी एसएफ़एल टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा किया है.

टीम जांच के लिए अपने साथ मृतकों के बिसरा का नमूना और मृतकों के परिवार द्वारा प्रयुक्त खाद्य साम्रगी अपने साथ लेकर पटना लौट गई है. इन मौतों के संबंध में पटना के डॉ. शकील का कहना था कि एसएफली टीम द्वारा विसरा की जांच करना इस बात की ओर इशारा करता है कि ये मौतें जहर के कारण हुई हैं और जांच से ही यह सामने आ पाएगा कि शरीर में ज़हर कैसे पहुंचा?

उनके अनुसार शरीर में ज़हर शराब, ज़हरीले भोजन या फिर भोजन में ज़हरीला पदार्थ जैसे कि कीटनाशक आदि मिलाए जाने से भी पहुंच सकता है.

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