मार्क टलीः दादा बनने के बाद मिला जन्म प्रमाणपत्र

  • 27 नवंबर 2013
मार्क टली और मेयर शोभन चटर्जी

भारत में बीबीसी के पूर्व संवाददाता और लेखक मार्क टली को उनके जन्म के 78 साल बाद अपना जन्म प्रमाणपत्र मिल गया है.

कोलकाता नगर निगम के मेयर शोभन चटर्जी ने कोलकाता में हुए एक समारोह में उनको यह प्रमाणपत्र दिया. टली को अपने जन्म का प्रमाणपत्र तब मिला है जब वो इसी महीने दादा बन गए हैं.

प्रमाणपत्र मिलने के बाद टली ने कहा, "मैंने जब इसके लिए आवेदन किया था तब मेरे मन में कुछ संशय था. लेकिन आज मैं वाकई अभिभूत हूं. मैं कलकत्ता में पैदा हुआ था. उसके बाद लंदन चला गया और फिर काम के लिए दिल्ली लौटा."

टली का जन्म 24 अक्तूबर 1935 को दक्षिण कोलकाता के टॉलीगंज इलाक़े के रीजेंट पार्क में हुआ था.

विदेश में बसे भारतीय (ओसीआई) का दर्जा हासिल करने के लिए मार्क टली को जन्म प्रमाणपत्र चाहिए था और इसलिए उन्होंने करीब तीन महीने पहले कोलकाता नगर निगम के मेयर को एक पत्र लिखा था.

पत्र और सक्रियता

टली के पत्र के बाद नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ और उसने पुराने दस्तावेज़ों को खंगालना शुरू किया.

करीब दो महीने की मशक्क़त के बाद टली के जन्म का रिकॉर्ड मिल ही गया. रजिस्ट्रार के दफ्तर में 21 नवंबर 1935 को उनका जन्म दर्ज किया गया था.

उन्होंने कहा कि हालांकि वो ब्रिटेन के नागरिक हैं लेकिन आज ख़ुद को कोलकाता से जिस कदर जुड़ा महसूस कर रहे हैं, वैसा पहले कभी महसूस नहीं हुआ था.

नगर निगम की मेयर परिषद के सदस्य (स्वास्थ्य) अतीन घोष कहते हैं, "टली का पत्र मिलने के बाद हमने आज़ादी से पहले के दस्तावेज़ों की व्यापक जांच-पड़ताल शुरू की. वहीं से टली के जन्म का रिकॉर्ड मिला."

टली का पत्र मिलने के बाद घोष ने कहा था कि उनके जन्म के रिकॉर्ड की तलाश करना असंभव नहीं, लेकिन बेहद मुश्किल है. उन्होंने तब कहा था कि टली अगर प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट के समक्ष एक हलफनामा तैयार कर के दे दें तो उनको उसके आधार पर एक प्रमाणपत्र मुहैया कराया जा सकता है.

माँ होती ख़ुश

Image caption भारत से मार्क टली का गहरा नाता रहा है

लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर निगम के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पुराने दस्तावेज़ों को खंगालने में जुट गए. दो महीने तक चली इस तलाश के बाद आख़िर उस दस्तावेज़ की प्रति मिल ही गई जिसमें टली के जन्म का ब्यौरा दर्ज था.

प्रमाणपत्र पाने के बाद टली ने कहा कि उनके सभी भाई-बहनों का जन्म कोलकाता में ही हुआ था. वह कहते हैं कि आज अगर उनकी मां जीवित होती तो बेहद ख़ुश होतीं.

उन्होंने कहा, "आज मैं सही मायने में भारतीय नागरिक बन गया."

इस प्रमाणपत्र के आधार पर मार्क टली अपना ओसीआई कार्ड बनवा सकते हैं जिसके बाद उन्हें भारत आने के लिए बार-बार वीज़ा लेने की ज़रूरत नहीं होगी.

भारत से अपने पुराने रिश्तों को याद करते हुए टली बताते हैं कि उनकी एक बहू भी भारतीय है. उन्होंने इसी महीने एक पुत्र का जन्म दिया है जिसका नाम आदित्य रखा गया है. टली को दादा बनने के बाद अपना जन्म प्रमाणपत्र मिला है.

तहलका मामला

समारोह के बाद टली ने तरुण तेजपाल मामले पर भी बात की. उन्होंने कहा कि तहलका पत्रिका के संस्थापक संपादक तरुण तेजपाल के हाथों एक कनिष्ठ सहयोगी के कथित यौन उत्पीड़न के मामले से सभी पेशेवर पत्रकारों की छवि धूमिल नहीं की जानी चाहिए.

टली ने कहा कि उन्होंने घटना के बारे में पढ़ा और सुना है. लेकिन वास्तव में वो हक़ीक़त नहीं जानते. लेकिन इस एक घटना से इस पेशे में काम कर रहे दूसरे पत्रकारों की छवि धूमिल होना दुर्भाग्यपूर्ण होगा.

उन्होंने कहा, ''तेजपाल के इस कथित यौन दुर्व्यवहार की वजह से मीडिया समूहों में कामकाज के माहौल को लेकर सवाल उठ रहे हैं. वहां बहुत-सी महिलाएं भी काम करती हैं.''

टली ने कहा कि अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उनको ऐसी एक भी घटना याद नहीं है जब कोई वरिष्ठ संपादक अपनी महिला सहयोगी के यौन उत्पीड़न का अभियुक्त बना हो.

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