गोवा में 'गब्बर' ज़िंदा है...

गोवा, गब्बर, नरेश नायक

यूं तो 50 हज़ार का इनाम था गब्बर पर लेकिन उसे किसी ने गोवा में ढूँढने की कोशिश ना की.

ले आये है आपके लिए आज का गब्बर सीधा गोवा के खूबसूरत सागर तट से...

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वो रामगढ़ की पहाड़ियो के बीच गूंजती हंसी, वो दहशत और सन्नाटा. कुछ ऐसा था गब्बर का खौफ़.

रामगढ़ की घाटी

रामगढ़ के उस डाकू ने एक बार फिर धरती पर लिया है जन्म. गोवा में मुझे मिला गब्बर का जीता जागता अवतार.

गोवा की राजधानी पंजिम में चल रहे 44वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह के आयोजन स्थल के ठीक सामने रामगढ़ की घाटी का एक सेट खड़ा किया गया है.

यहाँ हर रोज़ गब्बर सिंह अपने गैंग के साथ आता है.

बन्दूक, बुलेट और बेल्ट

शाम को सात बजते ही गब्बर की हँसी दूर-दूर तक गूंजने लगती है. एक टेप पर गब्बर के मशहूर डायलॉग बजाए जाते है.

लोगो की भीड़ बढ़ने लगती है और फिर गब्बर बन्दूक, बुलेट और बेल्ट लिए पहाड़ी से उतरता है.

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ये गब्बर है गोवा का रहने वाला नरेश नायक जो पिछले 15 सालों से गब्बर के जिस्म में रह रहा है.

मनोरंजन

नरेश होटलों में, ऑर्केस्ट्रा और अन्य रंगा-रंग कार्यक्रमों में गब्बर का रोल निभाता है.

फिल्म समारोह में 10 दिनों से लगातार नरेश अपने कालिया के साथ गब्बर की वेशभूषा और स्टाइल में लोगो का मनोरंजन कर रहा है.

शो के बाद लोग इस गब्बर से हाथ मिलते है और तस्वीर खीचाते है.

दोस्ती

हालाँकि दूर गाँवों में जब बच्चा सोता नहीं था तो माँ कहती थी, 'सो जा, नहीं तो गब्बर आ जायेगा'.

लेकिन यहाँ तो इस गब्बर से दोस्ती करते नज़र आते हैं बच्चे.

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नरेश नायक यानी गब्बर बताते हैं कि मुझे मेरे दोस्तों ने और कई लोगो ने बताया की मैं गब्बर जैसा दिखता हूँ.

डायलॉग

"धीरे धीरे मैं उनकी बात पर विश्वास करने लगा और फिर मैं अमजद भाई जैसा बन गया."

"70 से अधिक बार मैंने शोले देखी है और घर पर मेरे उसकी कैसेट आज भी पड़ें हैं."

"मैं जब भी फ्री होता हूँ तो उन डायलॉग को सुनकर रिहर्सल कर लेता हूँ."

लोगों की रुचि

नरेश नायक उर्फ़ गब्बर कोंकणी और हिंदी की कई फिल्मो में छोटे मोटे किरदार निभा चुके हैं.

उन्हें इन 10 दिनों के खेल के लिए 25 हज़ार रुपये दिए जाएंगे.

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गोवा में शोले के इस गब्बर को देखने के लिए लोगो की रुचि बढ़ती जा रही है.

पूरा गोवा

इस शो के डायरेक्टर आर्यन खेदेकल बताते हैं कि पहले दिन से लेकर आज तक गब्बर को देखने वालो की कमी नहीं हुई है.

नरेश को पूरा गोवा जानने लग गया है.

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